लखीसराय में अस्पतालों, होटलों और रेस्टोरेंट का फायर ऑडिट शुरू, अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन का निर्देश

  • Post By Admin on Jun 07 2026
लखीसराय में अस्पतालों, होटलों और रेस्टोरेंट का फायर ऑडिट शुरू, अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन का निर्देश

लखीसराय : जिले में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बिहार अग्निशमन सेवा द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी विनोद कुमार यादव के निर्देश पर अनुमंडल अग्निशामालय लखीसराय की टीम ने विभिन्न अस्पतालों और प्रतिष्ठानों का फायर ऑडिट कर अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच की।

रविवार को अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी विनिता लता के नेतृत्व में टीम ने जिले के तीन अस्पतालों एवं एक रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। फायर ऑडिट के तहत कुसुम नर्सिंग होम, निशा इमरजेंसी हॉस्पिटल, लखीसराय अल्ट्रा स्कैन एवं डिजिटल एक्स-रे सेंटर तथा अतिथि फैमिली रेस्टोरेंट में अग्नि सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा मानकों से जुड़ी कमियां पाई गईं। अग्निशमन विभाग ने संबंधित संस्थानों को आवश्यक अग्निशमन यंत्र एवं सुरक्षा उपकरण स्थापित करने तथा निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के भीतर कमियों को दूर नहीं किए जाने पर इसे मानव जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जाएगा। ऐसे मामलों में बिहार अग्निशमन सेवा अधिनियम-2014, बिहार अग्निशमन सेवा नियमावली-2021, बिहार भवन उपविधि तथा अन्य लागू कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। अग्निशमन विभाग ने बताया कि 8 जून 2026 को होटल सरयू, होटल कृष्णा और न्यू होटल शांति, बाजार समिति, नया बाजार लखीसराय का फायर ऑडिट किया जाएगा। इसके लिए संबंधित प्रतिष्ठानों को पूर्व में नोटिस जारी किया जा चुका है।

विभाग के अनुसार जिले के अन्य अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल, लॉज एवं रेस्टोरेंट में भी विशेष अभियान चलाकर चरणबद्ध तरीके से फायर ऑडिट किया जाएगा। साथ ही विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को अग्नि सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अग्निशमन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अग्निकांड की स्थिति में तत्काल आपातकालीन नंबर 101 अथवा 112 पर सूचना दें, ताकि त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।