सरकारी जमीन पर आवास बनाना मंत्री को पड़ा भारी, बिहार सरकार ने चलाया आवास पर बुलडोजर

  • Post By Admin on Jun 08 2026
सरकारी जमीन पर आवास बनाना मंत्री को पड़ा भारी, बिहार सरकार ने चलाया आवास पर बुलडोजर

सीतामढ़ी: बिहार में अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में रविवार को सीतामढ़ी में उस समय हड़कंप मच गया जब जिला प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर बिहार सरकार की समाज कल्याण मंत्री एवं शिवहर की जेडीयू विधायक श्वेता गुप्ता के आवास परिसर पहुंच गई। प्रशासन ने मंत्री आवास की कथित अवैध बाउंड्री वॉल को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।

प्रशासन की ओर से बताया गया कि यह कार्रवाई सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के अभियान के तहत की गई है। अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर चलाकर अतिक्रमित हिस्से को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन के अनुसार, शहर में जाम की समस्या को कम करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से रिंग बांध रोड का निर्माण कराया जा रहा है। इसी परियोजना के तहत सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। बताया गया कि इस मामले में कुल 62 लोगों को नोटिस जारी किया गया था। सभी को स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कई लोगों द्वारा निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। इसी अभियान के तहत मंत्री श्वेता गुप्ता के आवास परिसर के उस हिस्से पर भी कार्रवाई की गई, जिसे प्रशासन ने सरकारी जमीन पर निर्मित बताया। हालांकि इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई लोग इसे प्रशासन की निष्पक्ष कार्रवाई के तौर पर देख रहे हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि कानून सबके लिए समान है और अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक पुराना बयान भी चर्चा में आ गया है। अप्रैल महीने में अपने गृह क्षेत्र तारापुर में एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि जब उनके अपने घर की सीढ़ियां अतिक्रमण हटाने के दौरान तोड़ी जा सकती हैं, तो किसी और को भी छूट नहीं दी जा सकती। अब सीतामढ़ी में मंत्री आवास पर हुई कार्रवाई को उसी संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।