एलपीजी से लेकर पेट्रोल-डीजल तक आपूर्ति पर प्रशासन सतर्क, कंट्रोल रूम भी सक्रिय
- Post By Admin on Apr 01 2026
लखीसराय : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनजर लखीसराय जिले में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की समीक्षा को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उच्च शिक्षा विभाग बिहार के सचिव सह प्रभारी सचिव लखीसराय श्री राजीव रौशन ने की। बैठक में एलपीजी गैस, पाइप नेचुरल गैस, पेट्रोल-डीजल, उर्वरक की उपलब्धता तथा प्रवासी श्रमिकों की स्थिति समेत विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 16 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनमें 8 आईओसीएल, 5 बीपीसीएल और 3 एचपीसीएल की एजेंसियां शामिल हैं। जिले में प्रतिदिन औसतन 800 गैस सिलेंडर की बुकिंग होती है। 31 मार्च 2026 तक कुल 11,678 बुकिंग दर्ज की गई, जबकि 6,158 सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है और 5,520 बुकिंग लंबित हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी एजेंसियों की पिछले एक वर्ष की औसत बुकिंग का प्रतिवेदन तैयार किया जाए, ताकि स्थिति का सही आकलन किया जा सके।
जिला स्तर पर गठित निरीक्षण दल को निर्देश दिया गया कि गैस गोदामों का नियमित निरीक्षण कर स्टॉक का सत्यापन किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि गोदामों में सिलेंडरों का सुरक्षित भंडारण हो तथा निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा हो। सरकारी संस्थानों में पाइप नेचुरल गैस कनेक्शन को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए, जिससे एलपीजी सिलेंडरों पर दबाव कम किया जा सके।
प्रशासन ने आम नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जिसका दूरभाष संख्या 06346-232952 है। अब तक एलपीजी गैस से संबंधित 56 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका निपटारा कर दिया गया है। जमाखोरी या कालाबाजारी से संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में पाइप नेचुरल गैस की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में 7,291 लोगों ने पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 4,527 कनेक्शन चालू हो चुके हैं, जबकि 2,764 कनेक्शन तैयार हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शेष आवेदकों को जागरूक कर पीएनजी कनेक्शन जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाए।
पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर चर्चा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 42 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें आईओसीएल के 17, बीपीसीएल के 15, एचपीसीएल के 8 और बायोडीजल के 2 आउटलेट शामिल हैं। सभी पंपों पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। प्रशासन ने विशेष रूप से राष्ट्रीय उच्च मार्गों पर स्थित पेट्रोल पंपों पर ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
उर्वरक की उपलब्धता को लेकर अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में किसी प्रकार की कमी नहीं है। हालांकि रबी की बुआई के समय उर्वरक की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में प्रवासी श्रमिकों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि अब तक प्रवासी श्रमिकों के बड़ी संख्या में वापस लौटने की कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि खाड़ी देशों में रहने वाले कुछ परिवारों के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि प्रखंड विकास पदाधिकारी ऐसे परिवारों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं और जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता सुनिश्चित करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है और आम नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।