‘दूसरी मां’ कहकर छात्रों ने जताया स्नेह, डॉ. नीलम पांडेय के विदाई समारोह में छलके जज्बात

  • Post By Admin on Jul 31 2026
‘दूसरी मां’ कहकर छात्रों ने जताया स्नेह, डॉ. नीलम पांडेय के विदाई समारोह में छलके जज्बात

मुजफ्फरपुर : बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में शुक्रवार को विभागाध्यक्ष डॉ. नीलम पांडेय के सेवानिवृत्ति अवसर पर भावभीनी विदाई समारोह आयोजित की गई। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने उन्हें पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) प्रदान कर उनके दीर्घ, समर्पित और प्रेरणादायी शैक्षणिक जीवन की सराहना की।

समारोह में शिक्षक, कर्मचारी, पूर्व पदाधिकारी, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। सबसे भावुक क्षण तब आया जब विद्यार्थियों ने डॉ. नीलम पांडेय को अपनी “दूसरी मां” बताते हुए कहा कि उन्होंने केवल विषय ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि कठिन परिस्थितियों में अभिभावक और मार्गदर्शक बनकर हमेशा उनका साथ निभाया। छात्रों की भावनात्मक अभिव्यक्तियों ने पूरे सभागार को भावुक कर दिया।

कार्यक्रम में कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय, प्रॉक्टर प्रो. बिपिन कुमार राय, प्रो. अरुण कुमार सिंह, पूर्व प्रॉक्टर आर.के. चौधरी, पूर्व कुलसचिव प्रो. संजय कुमार, प्रो. मधु सिंह, प्रो. अनीता सिंह, प्रो. नीलिमा झा, प्रो. देवेंद्र प्रताप तिवारी, प्रो. पंकज कुमार, प्रो. भारती मेहता, प्रो. मंजरी आनंद और डॉ. अमर बहादुर शुक्ला सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे। मंच संचालन प्रो. बिपिन कुमार राय और डॉ. अमर बहादुर शुक्ला ने संयुक्त रूप से किया।

समारोह के दौरान राजनीति विज्ञान विभाग की शोध पत्रिका ‘Political Disclosure’ का विमोचन भी किया गया। साथ ही विभाग के पूर्व शिक्षकों को सम्मानित कर उनके शैक्षणिक योगदान को स्मरण किया गया। अपने संबोधन में कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने कहा कि डॉ. नीलम पांडेय की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सदैव मुस्कुराते रहने की आदत रही है। उन्होंने कहा कि कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी उन्होंने सकारात्मक सोच, धैर्य और आत्मीय व्यवहार के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। कुलपति ने उनके स्वस्थ, सुखद और सक्रिय सेवानिवृत्ति जीवन की शुभकामनाएं दीं।

डॉ. नीलम पांडेय ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय परिवार, सहकर्मियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने पति के निरंतर सहयोग और विश्वास को अपनी शैक्षणिक यात्रा की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए कहा कि उसी समर्थन ने उन्हें पूरे मनोयोग से अपने दायित्व निभाने की प्रेरणा दी। सम्मान, आत्मीयता और अपनत्व से भरे इस आयोजन ने बीआरएबीयू के विदाई समारोहों को एक नई संवेदनात्मक ऊंचाई प्रदान की और यह समारोह लंबे समय तक विश्वविद्यालय परिवार की स्मृतियों में विशेष स्थान बनाए रखेगा।