लखीसराय में आरटीई नामांकन पर सख्ती, डीएम ने 10 अप्रैल तक लक्ष्य पूरा करने के दिए निर्देश

  • Post By Admin on Apr 02 2026
लखीसराय में आरटीई नामांकन पर सख्ती, डीएम ने 10 अप्रैल तक लक्ष्य पूरा करने के दिए निर्देश

लखीसराय: जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और वंचित वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी पंजीकृत निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य, निदेशक और संचालक शामिल हुए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर वंचित एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के नामांकन की प्रगति की समीक्षा करना था। इस दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी विद्यालय अपने-अपने आवंटित सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूर्ण करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि 10 अप्रैल 2026 तक चयनित बच्चों का नामांकन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला पदाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन को यह भी निर्देश दिया कि वे अभिभावकों से सीधे संपर्क स्थापित कर नामांकन प्रक्रिया को आसान बनाएं। साथ ही उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि यदि किसी विद्यालय को इस प्रक्रिया में कोई समस्या आती है, तो वे जिला शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आरटीई अधिनियम केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और समान अवसर सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम है, इसलिए सभी विद्यालय इसकी भावना के अनुरूप कार्य करें। बैठक में बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी विशेष चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी विद्यालय लू से बचाव के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित करें। इसके तहत विद्यालयों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, कक्षाओं में उचित वेंटिलेशन और अत्यधिक गर्मी के दौरान बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं।

इसके अलावा विद्यालयों के समुचित संचालन, स्वच्छता, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी जोर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बच्चों के हितों से जुड़े सभी मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण एवं जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस बैठक के माध्यम से प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।