योगी सरकार की विशेष तैयारी, 9-10 अगस्त को कांवड़ यात्रा मार्ग पर फूलों से होगा शिवभक्तों का स्वागत

  • Post By Admin on Aug 04 2026
योगी सरकार की विशेष तैयारी, 9-10 अगस्त को कांवड़ यात्रा मार्ग पर फूलों से होगा शिवभक्तों का स्वागत

लखनऊ: सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को भव्य, सुरक्षित और श्रद्धामय बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष तैयारियां की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 9 और 10 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सात जिलों में कांवड़ यात्रा मार्गों पर हेलीकॉप्टर से शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा की जाएगी।

राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य कांवड़ यात्रा में शामिल लाखों श्रद्धालुओं का सम्मान करना तथा धार्मिक आयोजन को और अधिक भव्य स्वरूप प्रदान करना है। तय कार्यक्रम के अनुसार दो दिनों तक अलग-अलग जिलों में निर्धारित समय पर हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों का फूल बरसाकर स्वागत किया जाएगा।

9 अगस्त को हेलीकॉप्टर लखनऊ से उड़ान भरकर सबसे पहले बागपत पहुंचेगा, जहां सुबह 10:30 बजे से 11:15 बजे तक कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके बाद सहारनपुर में सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक श्रद्धालुओं का फूलों से स्वागत किया जाएगा। फिर दोपहर 1:30 बजे से 2:15 बजे तक मुजफ्फरनगर में पुष्पवर्षा होगी। पहले दिन का अंतिम कार्यक्रम मेरठ में निर्धारित है, जहां शाम 3:45 बजे से 4:30 बजे तक हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए जाएंगे।

सरकारी कार्यक्रम के अनुसार पहले दिन हेलीकॉप्टर की कुल उड़ान अवधि 6 घंटे 10 मिनट निर्धारित की गई है। वहीं, 10 अगस्त को हेलीकॉप्टर मेरठ से उड़ान भरकर सबसे पहले गाजियाबाद पहुंचेगा, जहां सुबह 8:30 बजे से 9:15 बजे तक कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके बाद हापुड़ और बुलंदशहर में भी निर्धारित समय के अनुसार शिवभक्तों का फूलों से स्वागत किया जाएगा। सभी कार्यक्रमों के बाद हेलीकॉप्टर दोपहर 12:30 बजे बुलंदशहर से लखनऊ के लिए रवाना होगा। दूसरे दिन कुल 3 घंटे 45 मिनट की उड़ान निर्धारित की गई है।

दो दिनों तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान हेलीकॉप्टर लगभग 9 घंटे 55 मिनट तक उड़ान भरेगा। इस दौरान बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर में कांवड़ यात्रा मार्गों पर शिवभक्तों का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया जाएगा। राज्य सरकार ने संबंधित जिलों के प्रशासन को यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।