बाढ़ की चपेट में यूपी के 35 जिले, गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता

  • Post By Admin on Sep 04 2026
बाढ़ की चपेट में यूपी के 35 जिले, गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। प्रदेश के 35 जिलों में बाढ़ का असर बताया जा रहा है, जहां कई निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों में पानी पहुंच गया है। गंगा और यमुना समेत प्रमुख नदियों के उफान पर होने से पूर्वांचल सहित कई क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। अब तक 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। नदी किनारे बसे गांवों में पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर खेतों में भी बाढ़ का पानी भर गया है, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दलों की तैनाती के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।

पूर्वांचल के कई इलाकों में गंगा का जलस्तर बढ़ने से हालात चिंताजनक बने हुए हैं। वहीं यमुना और उससे जुड़ी नदियों में उफान का असर आसपास के जिलों में भी दिखाई दे रहा है। प्रशासन नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से शिविरों में भोजन, पेयजल और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की जा रही है। जिन क्षेत्रों में सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है, वहां नावों और बचाव दलों की मदद ली जा रही है। राहत कार्यों को लेकर प्रशासनिक टीमें लगातार सक्रिय हैं।

बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंचने से किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। सब्जियों के साथ खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका है। खेतों में यदि लंबे समय तक पानी जमा रहता है तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रशासन की निगाह नदियों के जलस्तर के साथ-साथ निचले और संवेदनशील इलाकों पर बनी हुई है।