प्रेमचंद जयंती पर विचार गोष्ठी व काव्य पाठ, लेखनी की प्रासंगिकता पर हुई चर्चा

  • Post By Admin on Aug 02 2026
प्रेमचंद जयंती पर विचार गोष्ठी व काव्य पाठ, लेखनी की प्रासंगिकता पर हुई चर्चा

मुजफ्फरपुर: जिले के चुन्नाभट्ठी रोड स्थित यादवचंद्र शांति देवी मेमोरियल ट्रस्ट परिसर में रविवार को बिहार राज्य जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा "विकल्प" की मालीघाट इकाई एवं नवोदित इकाई के संयुक्त तत्वावधान में प्रेमचंद जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, शिक्षकों, कवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर प्रेमचंद के साहित्य और उनके विचारों की समकालीन प्रासंगिकता पर चर्चा की।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र की शुरुआत विकल्प के शाखा उपाध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद दिनेश द्वारा प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। "आज के दौर में प्रेमचंद" विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी का उद्घाटन करते हुए विकल्प की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र कुमार 'रवि' ने कहा कि प्रेमचंद की लेखनी ने पहली बार मेहनतकश और वंचित वर्ग को साहित्य के केंद्र में स्थान दिया। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य आज भी सामाजिक बदलाव की प्रेरणा देता है।

कामेश्वर प्रसाद दिनेश ने कहा कि प्रेमचंद की रचनाओं को नाटक और अन्य सांस्कृतिक माध्यमों से आम जनता तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में प्रेमचंद जयंती समारोह की इस परंपरा की शुरुआत विकल्प संगठन ने की है। चंद्रमोहन प्रसाद ने कहा कि प्रेमचंद ने समाज की अनेक समस्याओं की जड़ महाजनी व्यवस्था को माना था। वहीं सूरज कुमार सिंह ने वर्तमान सामाजिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए प्रेमचंद के साहित्य को पढ़ने और सामाजिक बदलाव के लिए जनआंदोलनों से जुड़ने का आह्वान किया।

शिक्षक राजेश कुमार ने नई पीढ़ी तक प्रेमचंद के विचार पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे बैजू कुमार ने कहा कि प्रेमचंद और नागार्जुन जैसे साहित्यकारों की रचनाओं को पाठ्यक्रम से हटाया जाना चिंताजनक है और इसका विरोध होना चाहिए। विचार गोष्ठी में प्रो. मनोज कुमार शर्मा, परशुराम पाठक, दीनबंधु महाजन, डॉ. कुमार विरल, धीरेन्द्र धीरू, राजू कुमार समेत कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

दूसरे सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता शायर सिबगतुल्लाह हमीदी ने की। इस दौरान विभाकर विमल, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. रवीन्द्र कुमार 'रवि', जनकवि महेश ठाकुर 'चकोर', नंदकिशोर तिवारी, परशुराम पाठक, पूजा कुमारी, धीरेन्द्र धीरू, आलम सिद्दीकी, उमेश राज, अंजनी कुमार पाठक सहित अनेक कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। काव्य गोष्ठी का संचालन डॉ. कुमार विरल ने किया। कार्यक्रम में दीनबंधु निराला, पूर्वी, उदय चौधरी, मोहन बैठा, सौरभ, लाला ठाकुर, पूनम कुमारी, रिया कुमारी, निशा कुमारी, बिंदिया कुमारी, साक्षी कुमारी, नशीमा खातून, शालिनी कुमारी सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।समारोह के अंत में मालीघाट इकाई की सचिव पूजा कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।