असम में बाढ़ का तांडव: शिवसागर समेत कई जिले जलमग्न, 4.45 लाख लोग प्रभावित
- Post By Admin on Jul 28 2026
गुवाहाटी : असम में लगातार हो रही भारी बारिश और ब्रह्मपुत्र नदी के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना दिया है। विशेष रूप से ऊपरी असम के शिवसागर जिले में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों में उफान के कारण जिले के कई इलाकों में पानी भर गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार शिवसागर, गोलाघाट, चराइदेव, जोरहाट, नगांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिलों में कुल 4,45,495 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ से विस्थापित लोगों के लिए राज्यभर में 90 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ भोजन, पीने का पानी और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्राधिकरण के मुताबिक, अब तक बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में 68 लोगों की मौत हो चुकी है। कई जिलों में स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
काजीरंगा, लखीमपुर, धेमाजी, तिनसुकिया, डिब्रूगढ़ और कछार सहित 15 से अधिक जिले बाढ़ की चपेट में हैं। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जिससे धान की फसल और चाय बागानों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है और लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का बड़ा हिस्सा भी पानी में डूब गया है। जलभराव के कारण वन्यजीव ऊँचे और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। वन विभाग की टीमें पशुओं की सुरक्षा और निगरानी में लगी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी कठिन बनी हुई है। सैकड़ों हेक्टेयर धान के खेत तथा चाय बागानों के आसपास का इलाका जलमग्न हो गया है। ग्रामीण अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि कई पशुओं की मौत होने की भी सूचना है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और प्रशासन द्वारा लगातार राहत सामग्री वितरित की जा रही है। राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत एवं पुनर्वास कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं और लोगों से नदी किनारे तथा निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।