असम और अरुणाचल में बाढ़ से तबाही, 45 हजार से अधिक लोग प्रभावित
- Post By Admin on Jun 30 2026
गुवाहाटी/ईटानगर : पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश ने असम और अरुणाचल प्रदेश में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दोनों राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के कारण हजारों लोग संकट में हैं। अरुणाचल प्रदेश के 12 जिले बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में हैं, जबकि असम के पांच जिलों में करीब 45 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
अरुणाचल प्रदेश में अब तक बाढ़ और भूस्खलन से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो लोग अब भी लापता हैं। 24 जून को केयी पान्योर जिले में पांच लोग तेज बहाव में बह गए थे, जिनमें से तीन के शव बरामद किए जा चुके हैं। लगातार बारिश के कारण राज्य के कई इलाकों में सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रोइंग-अनिनी मार्ग कई स्थानों पर टूट गया है, जबकि पूर्वी सियांग जिले में सड़क ध्वस्त होने से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। रुकसिन क्षेत्र में बादल फटने से कई घर जलमग्न हो गए और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है। लोअर दिबांग वैली में सिसिरी नदी में फंसे चार लोगों को भारतीय वायुसेना ने सुरक्षित बाहर निकाला।
असम में धेमाजी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां करीब 41 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके अलावा डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और नलबाड़ी जिलों में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 257 गांव जलमग्न हो गए हैं और 4,278 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है। इसके अलावा 76 हजार से अधिक पालतू पशु भी बाढ़ की मार झेल रहे हैं। धेमाजी जिले में एक व्यक्ति के तेज बहाव में बह जाने की भी सूचना है। भारी बारिश के कारण धेमाजी जिले में सिमेन नदी पर बना पुल ढह गया, जिससे रेल यातायात प्रभावित हो गया है। तिनसुकिया मंडल के तहत मुर्कोंगसेलेक और शिलापाथर के बीच ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। वहीं, जोनाई क्षेत्र में केमी नदी पर बना लगभग 300 मीटर लंबा पुल बह जाने से कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि धेमाजी के जोनाई क्षेत्र में अचानक जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हुई है। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रहे हैं तथा सरकार लोगों की सुरक्षा और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए व्यापक पुनर्वास योजना पर भी काम कर रही है।