लखनऊ में बारिश बनी आफत, उफनाए नाले से 50 हजार लोग जलभराव में फंसे

  • Post By Admin on Aug 05 2026
लखनऊ में बारिश बनी आफत, उफनाए नाले से 50 हजार लोग जलभराव में फंसे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई तेज बारिश ने नगर निगम की नाला सफाई और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर का प्रमुख किला मोहम्मदी ड्रेन कचरे और गाद से जाम होकर ओवरफ्लो हो गया, जिससे आशियाना एलडीए कॉलोनी समेत कई इलाकों में भीषण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भर जाने से करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित हुई और कई लोग घंटों तक अपने घरों में ही कैद रहने को मजबूर हो गए।

सबसे अधिक प्रभावित आशियाना के सेक्टर एल, सेक्टर एच, सेक्टर जी और आसपास के इलाके रहे, जहां घुटनों तक पानी भर गया। सेक्टर एल की स्थिति सबसे गंभीर रही, जहां चारों ओर पानी भर जाने से पूरा इलाका टापू जैसा दिखाई देने लगा। मंगलवार सुबह कार्यालय और स्कूल जाने की तैयारी कर चुके लोगों को रास्ते बंद होने के कारण वापस लौटना पड़ा। कई परिवार लंबे समय तक घरों से बाहर नहीं निकल सके। बताया गया कि कानपुर रोड स्थित मानसरोवर के पास रेलवे लाइन के नीचे से गुजरने वाला किला मोहम्मदी ड्रेन कचरे और गाद से पूरी तरह जाम हो गया था। इसके कारण बारिश का पानी निकासी मार्ग से आगे नहीं बढ़ सका और वापस कॉलोनियों की ओर लौटने लगा। देखते ही देखते सड़कों पर पानी भर गया और पूरी जल निकासी व्यवस्था चरमरा गई।

जानकीपुरम क्षेत्र में भी नालों की सफाई के दावों की हकीकत सामने आ गई। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव विनय कृष्ण पांडे ने बताया कि पिछले तीन महीनों से लगातार नालों की सफाई की मांग की जा रही थी, लेकिन शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बारिश के बाद जानकीपुरम की कई सड़कें पानी में डूब गईं। उन्होंने कहा कि समय रहते नालों की सफाई कर दी जाती तो लोगों को इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। जिनहट, पुराने लखनऊ के हुसैनाबाद और अन्य निचले इलाकों में भी जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष नालों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में पूरी व्यवस्था की वास्तविकता सामने आ जाती है।

जलभराव की सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव और जोनल अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल निकासी कार्य की निगरानी की। अधिकारियों ने कुछ इलाकों से पानी निकालने में सफलता मिलने का दावा किया, लेकिन कई निचले क्षेत्रों में देर शाम तक जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों की परेशानियां लगातार जारी रहीं।