अंतरराष्ट्रीय नो डाइट डे पर पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
- Post By Admin on May 06 2026
खगड़िया : जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत बुद्धनगर, भरतखंड सौढ़ में अंतरराष्ट्रीय नो डाइट डे के अवसर पर पर्यावरण भारती द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आम के दो तथा नारियल का एक पौधा लगाया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व नवीन कुमार साह ने किया, जबकि अंकित पंडित ने सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण भारती के संस्थापक एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक राम बिलास शाण्डिल्य ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण असंतुलन को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने आसपास कम से कम 10 पेड़ लगाकर उनका संरक्षण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि धरती पर 33 प्रतिशत वन क्षेत्र आवश्यक है, जबकि वर्तमान में यह घटकर लगभग 15 प्रतिशत रह गया है, जिससे प्राकृतिक ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कोरोना महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि ऑक्सीजन की कमी के कारण कई लोगों की जान गई, जो पर्यावरणीय असंतुलन का परिणाम है। बिहार में वन क्षेत्र पहले 13 प्रतिशत था, जो अब प्रयासों के बाद बढ़कर 15 प्रतिशत हुआ है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2026 में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जो जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है।
शाण्डिल्य ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन के कारण भूस्खलन, बाढ़, चक्रवात, अतिवृष्टि और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने वृक्षारोपण को मानव जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय बताया। संस्था की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में पटना से शुरू हुई पर्यावरण भारती अब तक 1,23,903 पौधे लगा चुकी है, जिनमें से करीब 80 प्रतिशत पेड़ सुरक्षित हैं।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नो डाइट डे के महत्व पर भी चर्चा करते हुए बताया कि यह दिवस स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और संतुलित आहार के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। उन्होंने लोगों से नियमित योग, समय पर भोजन और पौष्टिक आहार अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में जय प्रकाश शर्मा, पीयूष, आशीष, मनीष, आयुष सहित कई लोगों ने भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।