बाल कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ 10वां बाल रंग महोत्सव संपन्न
- Post By Admin on May 06 2026
पटना : सबेरा कला केंद्र एवं संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय 10वां बाल रंग महोत्सव 2025-26 का तीसरा और अंतिम दिन मंगलवार को प्रेमचंद रंगशाला में भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत त्रिवेणी कला केंद्र, पटना के बच्चों द्वारा समूह गायन से हुई, जिसने माहौल को सुरमयी बना दिया। इसके बाद अद्विक प्रकाश ने गुड़िया नृत्य का एकल प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम में “द कोरियोग्राफर”, पटना के बच्चों ने “वंदे मातरम” पर देशभक्ति से ओत-प्रोत नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों में उत्साह भर दिया। वहीं, रंगमार्च, पटना की ओर से प्रस्तुत शास्त्रीय नृत्य ने अपनी गरिमा और सौंदर्य से सभी का मन मोह लिया। लोक पंच, पटना द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्य ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया और सभागार तालियों से गूंज उठा।
महोत्सव की अंतिम और प्रमुख प्रस्तुति किलकारी बाल भवन, पटना द्वारा नाटक “गोपी गवैया बाघा बजैया” का मंचन था, जिसका निर्देशन अभिषेक राज ने किया। नाटक की कहानी दो सरल स्वभाव के कलाकारों—गोपी और बाघा—के इर्द-गिर्द घूमती है। गोपी को गाने और बाघा को वादन का शौक होता है, लेकिन उनके इस शौक से परेशान गाँववाले उन्हें राजा के पास भेज देते हैं। राजा उनके गायन से नाराज होकर उन्हें गधे पर बैठाकर गाँव से बाहर निकलवा देता है। इसके बाद दोनों जंगल में पहुंचते हैं, जहां उनकी मुलाकात होती है और दोस्ती गहरी होती जाती है। आगे चलकर उनकी भूतों की रानी से मुलाकात होती है, जिसके बाद हास्य और रोमांच से भरी घटनाओं का सिलसिला शुरू होता है।
बाल कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और ऊर्जावान मंचीय प्रस्तुति से नाटक को जीवंत बना दिया। संगीत और हास्य से भरपूर इस प्रस्तुति ने सभी आयु वर्ग के दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। नाटक की संगीत परिकल्पना और निर्देशन भी किलकारी के नाट्य प्रशिक्षक अभिषेक राज ने किया। नाटक में शुभम, विशाल, सूरज, अनीश, जीतू, हर्ष, कोमल, मोनू, सोनू, रौशन, निखिल, तेजस, रागिनी, निशा, अमिता, आरना, श्रेया और शिवांगी सहित कई बाल कलाकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों, अभिभावकों और कला प्रेमियों ने किलकारी के बच्चों की प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन नेहाल कुमार सिंह ‘निर्मल’ ने किया, जबकि भारतेंदु सिंह चौहान के नेतृत्व में पूरे महोत्सव का सफल आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कृति आलोक भी उपस्थित रहीं।