रामेश्वर महाविद्यालय में हमारी विरासत एक सांस्कृतिक पहचान: विषय पर विचार गोष्ठी, सेवानिवृत्त शिक्षकों का हुआ सम्मान
- Post By Admin on Jan 17 2026
मुजफ्फरपुर: रामेश्वर महाविद्यालय परिसर में प्राचार्य प्रो. श्यामल किशोर की अध्यक्षता में “हमारी विरासत : एक सांस्कृतिक पहचान” विषय पर एक गरिमामयी विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों की सम्मानित उपस्थिति से पूरा प्रांगण हर्ष, गौरव और आत्मीयता के भाव से ओतप्रोत नजर आया। कार्यक्रम ने वर्तमान शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बीच नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. श्यामल किशोर ने कहा कि महाविद्यालय आज अपनी समृद्ध शैक्षणिक और सांस्कृतिक विरासत को सजीव रूप में पाकर धन्य हो गया है। सेवानिवृत्त शिक्षकों को समय-समय पर स्मरण करना, उनके अनुभवों से प्रेरणा लेना और उसी आलोक में निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर होना हमारा सांस्कृतिक और नैतिक दायित्व है। उन्होंने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं तथा उपहार भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में राजकीय डिग्री महाविद्यालय मधुबन, पकड़ीदयाल के प्राचार्य प्रो. ब्रह्मचारी व्यास नन्दन शास्त्री भी विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने इस आयोजन को अभूतपूर्व बताते हुए सेवानिवृत्त शिक्षकों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया और उनके सुखद, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त शिक्षकों ने महाविद्यालय परिसर में हो रहे विकास कार्यों को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और संस्थान के सतत विकास के लिए शुभाशीर्वाद दिया। इस अवसर पर प्रो. रामाशेश्वर प्रसाद सिंह, प्रो. राम प्रवेश सिंह, प्रो. सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, प्रो. महेश्वर प्रसाद सिंह, प्रो. हरिश्चन्द्र कुमार सिन्हा, प्रो. मिथिलेश कुमार सिंह, डॉ. उमेश प्रसाद सिंह, प्रो. भूपाल सिंह एवं प्रो. सत्यानन्द शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए महाविद्यालय से जुड़ी स्मृतियों को ताजा किया। वहीं, अवकाश प्राप्त शिक्षकेत्तर कर्मियों रमेश ठाकुर और दीप नारायण सिंह की भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संयोजन पूर्व राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश प्रसाद सिंह ने किया, जबकि संचालन डॉ. उपेन्द्र प्रसाद ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अभिनय कुमार ने प्रस्तुत किया।
गोष्ठी में प्रो. रजनी रंजन, डॉ. शारदा नन्द सहनी, डॉ. धीरज कुमार, डॉ. वसीम रेजा, डॉ. सन्दीप कुमार सिंह, डॉ. सुमित्रा कुमारी, डॉ. महजबीन परवीन, डॉ. राकेश कुमार सिंह, डॉ. अविनाश झा, डॉ. मीरा कुमारी, डॉ. स्मृति चौधरी समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।