रामनवमी के अवसर पर पर्यावरण भारती ने किया देव वृक्षों का पौधारोपण

  • Post By Admin on Mar 26 2026
रामनवमी के अवसर पर पर्यावरण भारती ने किया देव वृक्षों का पौधारोपण

लखीसराय : रामनवमी के पावन अवसर पर वृन्दावन, कियूल (लखीसराय) में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पर्यावरण भारती के तत्वावधान में देव वृक्षों का पौधारोपण किया गया। इस दौरान पीपल, बरगद और गूलर के तीन पौधे लगाए गए। पौधारोपण कार्यक्रम का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी हिमालय ने किया।

इस मौके पर पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण संकट से मानवता को बचाने के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देव मानव, महापुरुषों और सामान्य मानव के जन्म दिवस पर पौधारोपण करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अयोध्या में हुआ था। भारतीय पंचांग के अनुसार 26 मार्च 2026 को दिन में 11:48 बजे से चैत्र शुक्ल नवमी का शुभारंभ हो रहा है, जबकि 27 मार्च की सुबह 10:06 बजे तक यह तिथि रहेगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम का जन्म मध्याह्न में हुआ था, इसलिए पूजा का मुख्य समय 26 मार्च माना जाता है, जबकि सूर्योदय के महत्व के कारण अयोध्या में रामनवमी उत्सव 27 मार्च को मनाया जाएगा।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मानव समाज के लिए आदर्श और प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने जीवन में सत्य, धर्म और मर्यादा का पालन करते हुए समाज को एकता और समरसता का संदेश दिया। रामनवमी के दिन विधि-विधान से पूजा करने और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करने से जीवन में सुख-शांति का संचार होता है।

पौधारोपण कार्यक्रम में रणधीर प्रसाद, विजय कुमार, हिमालय, अमरेंद्र महतो, शिक्षक अरविंद कुमार, मनोज कुमार सिंह, नीरज नयन, रघुवंश प्रसाद, पीयूष, आशीष, मनीष और आयुष सहित कई लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।