महिला दिवस पर सशक्तिकरण का संदेश, बेटियों की शिक्षा को बताया प्राथमिकता

  • Post By Admin on Feb 13 2026
महिला दिवस पर सशक्तिकरण का संदेश, बेटियों की शिक्षा को बताया प्राथमिकता

लखीसराय : महिला एवं बाल विकास निगम तथा जिला प्रशासन, लखीसराय के संयुक्त तत्वावधान में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर चानन प्रखंड के भंडार गांव स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बालिका खिलाड़ियों द्वारा पुष्प वर्षा कर अतिथियों के स्वागत के साथ हुई, जिससे पूरे आयोजन में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्री मिथिलेश मिश्र, बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस सह नोडल पदाधिकारी मिशन शक्ति, प्रखंड विकास पदाधिकारी चानन एवं संग्रामपुर पंचायत के मुखिया द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस श्रीमती वंदना पाण्डेय ने सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, नवपौधा एवं जूट का थैला भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए, जिनका निरीक्षण जिला पदाधिकारी एवं महिला आयोग की सदस्य सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया। स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, महिला एवं बाल विकास निगम, डीआरसीसी, जीविका, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, बाल संरक्षण इकाई, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार सहित कई विभागों ने आम लोगों को अपनी योजनाओं की जानकारी दी।

खेल गतिविधियों के अंतर्गत महिला कबड्डी खिलाड़ियों के बीच लखीसराय एवं बड़हिया टीमों के मध्य रोमांचक मुकाबला हुआ, जिसमें बड़हिया की टीम ने 43-24 से जीत दर्ज की। खिलाड़ियों को ट्रैक सूट एवं स्वच्छता प्रबंधन किट प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा मननपुर की फुटबॉल टीम और कुश्ती की बालिका खिलाड़ी को भी सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी श्री मिथिलेश मिश्र ने कहा कि राष्ट्रीय महिला दिवस देश की प्रथम महिला राज्यपाल एवं स्वतंत्रता सेनानी सरोजिनी नायडू की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर दिन उनके सशक्तिकरण का संकल्प लिया जाना चाहिए। उन्होंने घटते लिंगानुपात और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से बेटियों की कम उम्र में शादी न करने की अपील की। साथ ही उन्होंने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, बेटियों की शिक्षा, खेल, नियमित स्वास्थ्य जांच, कैंसर एवं फाइलेरिया जांच तथा प्रधानमंत्री सूर्य ऊर्जा योजना की जानकारी भी साझा की।

बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती पिंकी कुशवाहा ने कहा कि बेटी अब अबला नहीं, बल्कि सबला है और आज महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया और अभिभावकों से बेटियों को शिक्षित व आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में संग्रामपुर पंचायत के मुखिया दीपक सिंह द्वारा अतिथियों को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। मंच संचालन शिक्षक सुशांत कुमार ने किया। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी श्री प्रभाकर कुमार, अंचलाधिकारी चानन, जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक, हब के जिला मिशन समन्वयक, सखी वन स्टॉप सेंटर के केंद्र प्रशासक, जनप्रतिनिधि एवं सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।