वैष्णो देवी जा रही चलती ट्रेन का कोच लुधियाना में टूटा, बड़ा हादसा टलने के साथ मची अफरा-तफरी
- Post By Admin on Jun 06 2026
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वैष्णो देवी जा रही करीब 1200 यात्रियों से भरी स्पेशल ट्रेन का एक स्लीपर कोच अचानक तेज धमाके जैसी आवाज के साथ क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के दौरान ट्रेन का एक डिब्बा अपने साथ वाले कोच से अलग हो गया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय ट्रेन स्टेशन से धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। यदि यह हादसा हाईस्पीड के दौरान होता तो बड़ा रेल हादसा हो सकता था।
जानकारी के अनुसार नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल ट्रेन (04081) शनिवार तड़के नई दिल्ली से रवाना हुई थी। सुबह करीब 8:47 बजे ट्रेन लुधियाना स्टेशन पहुंची। कुछ देर रुकने के बाद जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ने लगी, एस-2 कोच के वॉशरूम वाले हिस्से से तेज आवाज आई और कोच का हिस्सा टूट गया। इसके बाद यात्री घबराकर ट्रेन से बाहर निकल आए। घटना ऐसे समय हुई है जब पंजाब में ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी को लेकर पहले से हाई अलर्ट जारी है। ऐसे में ट्रेन में “धमाके” जैसी आवाज की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। रेलवे अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तथा पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
लुधियाना के एडीसीपी समीर वर्मा ने जांच के बाद बताया कि यह किसी प्रकार का ब्लास्ट नहीं, बल्कि तकनीकी खराबी का मामला है। उन्होंने कहा कि एस-2 कोच के वॉशरूम वाले हिस्से में दरार आ गई थी और प्राथमिक जांच में वेल्डिंग फेलियर की आशंका सामने आई है। कोच पुराना होने के कारण वेल्डिंग कमजोर पड़ गई थी, जिससे उसका हिस्सा टूट गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ और सभी सुरक्षित हैं। साथ ही लोगों से अफवाह न फैलाने की अपील भी की गई। फिरोजपुर डिवीजन के डीआरएम संजीव कुमार ने बताया कि ट्रेन जब स्टेशन से चलने लगी तो एस-2 कोच का पैनल टूट गया। ट्रेन स्टाफ ने तुरंत गाड़ी रुकवाई और एहतियात के तौर पर सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा कि जिस डिब्बे में खराबी आई उसकी उम्र लगभग 15 वर्ष है, जबकि रेलवे कोच की औसत आयु 25 वर्ष मानी जाती है। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
डीआरएम ने यह भी कहा कि हादसे के दौरान आवाज आना स्वाभाविक था और उसके स्रोत की तकनीकी जांच की जा रही है। रेलवे द्वारा क्षतिग्रस्त डिब्बों को अलग कर ट्रेन को पुनः रवाना करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री अमित चौहान ने बताया कि ट्रेन दिल्ली से काफी देर से रवाना हुई थी और वहां एक पुराना डिब्बा ट्रेन में जोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि यात्रियों को तभी आशंका हो गई थी कि डिब्बे में कुछ गड़बड़ी है। अमित के अनुसार, “जैसे ही ट्रेन लुधियाना स्टेशन से चली, तेज आवाज आई और लोग डरकर बाहर भागने लगे। अंदर बैठे लोग कांपने लगे थे। माता रानी की कृपा रही कि बड़ा हादसा टल गया।”
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन पर पुराने डिब्बों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि ट्रेन तेज रफ्तार में होती तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी। फिलहाल रेलवे विभाग पूरे मामले की तकनीकी जांच में जुटा हुआ है।