लखीसराय में सैलाब का सितम: आशियानों तक पहुंचा नदियों का पानी, राहत की राह ताकते ग्रामीण

  • Post By Admin on Sep 05 2026
लखीसराय में सैलाब का सितम: आशियानों तक पहुंचा नदियों का पानी, राहत की राह ताकते ग्रामीण

लखीसराय : जिले में बाढ़ की स्थिति दिन-ब-दिन विकराल रूप धारण करती जा रही है। गंगा, किऊल और हरोहर नदियों के बढ़ते जलस्तर ने टाल और दियारा समेत जिले के बड़े भूभाग को अपनी जद में ले लिया है। पानी के तेज बहाव और लगातार बढ़ते फैलाव के चलते किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल पानी में समा चुकी है, जिससे ग्रामीण इलाकों में भारी नुकसान हुआ है।

खेतों में पानी भर जाने से टाल और दियारा क्षेत्रों में खेती पूरी तरह चौपट हो गई है। धान और मकई के साथ-साथ बड़े पैमाने पर लगी कद्दू, करेला, नेनुआ, भिंडी, मिर्च, टमाटर और गोभी जैसी हरी सब्जियां सड़कर नष्ट हो चुकी हैं। इस तबाही ने किसानों की कमर तोड़ दी है और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।

जिले के कई प्रखंडों में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। सदर प्रखंड के साबिकपुर, बालगुदर, अमहरा और गढ़ी विशनपुर समेत नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर एक (अशोकधाम) में पानी दाखिल हो चुका है। उधर पिपरिया प्रखंड पूरी तरह जलमग्न हो चुका है, जिससे सड़क संपर्क लगभग टूट गया है। बड़हिया प्रखंड के खुटहा पूर्वी, खुटहा पश्चिमी, आदर्श लक्ष्मीपुर, लक्ष्मीपुर और डुमरी गांव भी पानी के घेरे में आ गए हैं, जबकि सूर्यगढ़ा प्रखंड की कई पंचायतों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है।

हालात को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करना शुरू कर दिया है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों के बीच अब यह बड़ा सवाल है कि कागजी दौरों से इतर जमीनी स्तर पर राहत और बचाव कार्य कब शुरू होंगे। विस्थापित परिवारों को भोजन, शुद्ध पेयजल, नावों और पशुचारे की तत्काल दरकार है, और सबकी नजरें अब प्रशासन की वास्तविक मदद पर टिकी हैं।

(रिपोर्ट: वीरेन्द्र विजय सिंह, लखीसराय)