साहित्य और समाज के सच्चे साधक थे डॉ. श्याम नंदन किशोर, 94वीं जयंती पर बुद्धिजीवियों ने किया नमन

  • Post By Admin on Sep 05 2026
साहित्य और समाज के सच्चे साधक थे डॉ. श्याम नंदन किशोर, 94वीं जयंती पर बुद्धिजीवियों ने किया नमन

मुजफ्फरपुर : प्रख्यात साहित्यकार, पूर्व कुलपति एवं पद्मश्री से अलंकृत डॉ. श्याम नंदन किशोर की 94वीं जयंती के अवसर पर एक निजी होटल में गरिमामयी स्मृति सभा का आयोजन किया गया। समारोह में साहित्य, शिक्षा, कला और सामाजिक क्षेत्र के दिग्गजों ने एकजुट होकर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया, जबकि मंच का कुशल संचालन प्रो. मलय नीरव ने किया। समारोह का मुख्य आकर्षण वर्ष 1973 में ब्रिटेन प्रवास के दौरान बीबीसी को दिए गए डॉ. श्याम नंदन किशोर के दुर्लभ साक्षात्कार पर आधारित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग रही। इस ऐतिहासिक और विचारोत्तेजक साक्षात्कार को सभागार में मौजूद साहित्यकारों एवं बुद्धिजीवियों ने अत्यंत आत्मीयता व भावुकता के साथ देखा।

मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने डॉ. किशोर के जीवन-दर्शन, प्रशासनिक दक्षता और विपुल साहित्यिक अवदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पूर्व कुलपति के रूप में उनके कार्यकाल और उनकी प्रमुख कृतियों की साहित्यिक समीक्षा प्रस्तुत करते हुए कहा कि उनका लेखन हिंदी साहित्य और समाज की अनमोल धरोहर है।

स्मृति सभा में प्रो. भगवान लाल सहनी, प्रख्यात कवयित्री प्रो. अनामिका, युवा कवि डॉ. संजय पंकज, डॉ. रमेश प्रसाद गुप्ता, डॉ. पूनम सिन्हा, डॉ. राजीव कुमार, अमिताभ राजन और डॉ. सतीश कुमार सहित शहर के अनेक गणमान्य साहित्यकार और संस्कृतिकर्मी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि डॉ. श्याम नंदन किशोर का बहुआयामी जीवन साहित्य, संस्कृति और शिक्षा के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है, जो युवा पीढ़ी को सदैव राह दिखाता रहेगा।