किसानों के हित सर्वोपरि : डीएम ने उर्वरक सत्यापन और फसल सर्वे के दिए निर्देश
- Post By Admin on Apr 01 2026
लखीसराय : जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में बुधवार को जिला स्तर पर कृषि विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मार्च 2026 के चौथे सप्ताह में आए आंधी-तूफान एवं असामयिक वर्षापात से प्रभावित फसल क्षेत्र के आकलन, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण उर्वरकों की उपलब्धता तथा “धरती माता बचाव निगरानी समिति” से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में उर्वरक की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को पीओएस प्रणाली में दर्ज उर्वरकों की उपलब्ध मात्रा का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया, ताकि जिले के लिए आवंटित उर्वरक की मात्रा में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो और किसानों को भविष्य में किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े।
साथ ही प्रत्येक पंचायत से कम से कम पांच ऐसे किसानों का चयन करने को कहा गया, जो रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग करते हैं। ऐसे किसानों को चिन्हित कर उन्हें सीमित मात्रा में रासायनिक उर्वरकों के उपयोग तथा हरित एवं प्राकृतिक खाद अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे मृदा की गुणवत्ता में सुधार हो सके और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले।
बैठक में आंधी-तूफान और असामयिक वर्षा से हुई फसल क्षति का शीघ्र आकलन कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन जल्द से जल्द प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।