जनआंदोलनों की आवाज बी. प्रशांत की स्मृति में विचार और काव्य गोष्ठी आयोजित

  • Post By Admin on Feb 02 2026
जनआंदोलनों की आवाज बी. प्रशांत की स्मृति में विचार और काव्य गोष्ठी आयोजित

मुजफ्फरपुर : बिहार राज्य जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा “विकल्प” के तत्वावधान में सोमवार को जनकवि और जनगीतकार कामरेड बी. प्रशांत की 15वीं स्मृति दिवस मनाई गई। कार्यक्रम में जनता के संघर्ष, दर्द और सपनों को अपनी कविताओं व गीतों में स्वर देने वाले बी. प्रशांत के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता साथी नंदकिशोर तिवारी ने की, जबकि मंच संचालन रंगकर्मी एवं “विकल्प” के राज्य सचिव बैजू कुमार ने किया। पहले सत्र का उद्घाटन जनवादी कवि व गीतकार कुमार विरल ने किया। उन्होंने कहा कि बी. प्रशांत के गीत जनआंदोलनों के वाहक रहे हैं, जिनमें आम जनता के संघर्ष और बेहतर समाज के सपने की स्पष्ट झलक मिलती है।

बिहार राज्य रसोईया संघ के अध्यक्ष परशुराम पाठक ने कहा कि बी. प्रशांत जनक्रांति के अग्रदूत थे और उनका संपूर्ण जीवन जनता को समर्पित रहा। भाकपा माले जिला सचिव उदय चौधरी ने उन्हें न केवल एक जनप्रिय गीतकार बल्कि एक मजबूत ट्रेड यूनियन नेता बताया, जिन्होंने किसान-मजदूरों के हक के लिए जीवन भर संघर्ष किया। वहीं एसयूसीआई जिला सचिव अर्जुन कुमार ने कहा कि बी. प्रशांत शैक्षणिक और सांस्कृतिक मूल्यों के मुखर प्रहरी थे, जिन्होंने शिक्षा बचाओ आंदोलन के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य किए।

विचार गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए नंदकिशोर तिवारी ने कहा कि बी. प्रशांत के गीत कमजोर, बेबस और संघर्षशील जनता की सशक्त आवाज थे। वे “विकल्प” के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और मिल मजदूरों से लेकर विश्वविद्यालय कर्मचारियों तक हर जनसंघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। उनके गीत आज भी लोगों में जोश भरते हैं और संघर्ष के लिए प्रेरित करते हैं।

दूसरे सत्र में गीत एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता कुमार विरल ने की और मंच संचालन उमेश राज ने किया। इस सत्र में अली अहमद मंजर, अंजनी पाठक, पूजा कुमारी, बैजू कुमार, धीरेंद्र धीरू सहित कई कवियों और शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

इस अवसर पर बी. प्रशांत द्वारा रचित गीतों के डिजिटलीकरण स्वरूप का ऑनलाइन लोकार्पण उनके सुपुत्र अनिल कुमार झा ने किया। कार्यक्रम के अंत में नवोदित इकाई के अध्यक्ष राजू कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।