आदिवासी क्षेत्रों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, पर्यटन से लेकर स्वास्थ्य तक की योजनाओं की समीक्षा

  • Post By Admin on Jul 10 2026
आदिवासी क्षेत्रों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, पर्यटन से लेकर स्वास्थ्य तक की योजनाओं की समीक्षा

लखीसराय : अनुसूचित जनजातीय टोलों के समग्र विकास को लेकर गुरुवार को समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकास से जुड़े 19 प्रमुख बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सूर्यगढ़ा प्रखंड के बरियारपुर पंचायत स्थित क्षेत्र को ‘वैली ऑफ मेडिसिनल प्लांट्स’ तथा पहाड़ियों के बीच बसे सतघरवा एवं महाजनवा गांवों को ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ के रूप में विकसित करने की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। जिला पदाधिकारी ने इन क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान जिला पंचायती राज पदाधिकारी पम्मी रानी को आदिवासी क्षेत्रों में सोलर एवं स्ट्रीट लाइट लगाने तथा प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया। जिला कल्याण पदाधिकारी अश्विनी चौबे ने बताया कि चार पारंपरिक जनजातीय चिकित्सकों (ट्राइबल हीलर्स) की पहचान कर उनकी सूची राज्य सरकार को भेज दी गई है, जबकि अन्य की पहचान का कार्य जारी है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि सात आयुष्मान आरोग्य केंद्रों की स्थापना के लिए स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं। इन केंद्रों की स्थापना विभिन्न जनजातीय बहुल गांवों में की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।बैठक में बीएसएनएल के सहायक मंडल अभियंता को चौरा राजपुर, हनुमान स्थान, सतघरवा-महाजनवा, श्रृंगी ऋषि धाम, मोरबे डैम और लठिया भैरो टोला समेत नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क विस्तार का कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया।

ग्रामीण कार्य विभाग ने बताया कि लठिया भैरो टोला से चौरा राजपुर तक सड़क सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। वहीं चौरा राजपुर में प्रस्तावित खेल स्टेडियम के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। जिला खेल पदाधिकारी मुकुल पंकज मणि ने बताया कि प्रभारी मंत्री की अनुशंसा के बाद राज्य सरकार ने स्टेडियम निर्माण के लिए प्रस्ताव मांगा है। पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि चयनित 32 गांवों में से 15 गांवों में पेयजल योजना पूरी हो चुकी है, 14 गांवों में कार्य जारी है तथा तीन गांवों के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। वहीं दुग्धम गांव में विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर भी जिला पदाधिकारी ने अद्यतन प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

सड़क निर्माण से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। एनओसी मिलने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। बैठक में उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी अश्विनी चौबे, जिला खेल पदाधिकारी मुकुल पंकज मणि, जिला योजना पदाधिकारी आशुतोष कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता, जीविका के जिला प्रबंधक, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।