बिहार: खेत से डिजिटल डेस्क तक सशक्त होगा किसान, कृषि मंत्री ने की हाई-टेक समीक्षा

  • Post By Admin on May 15 2026
बिहार: खेत से डिजिटल डेस्क तक सशक्त होगा किसान, कृषि मंत्री ने की हाई-टेक समीक्षा

पटना: बिहार के कृषि मंत्री ने राज्य के किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। 'सशक्त किसान, समृद्ध बिहार' के संकल्प के साथ हुई इस बैठक में कृषि विभाग के कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।

ग्लोबल एक्सपर्ट्स के साथ मंथन

बैठक की सबसे खास बात इसमें दुनिया की प्रतिष्ठित कंसल्टेंसी फर्म्स और तकनीकी संस्थाओं की भागीदारी रही। KPMG, PwC, और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (BMGF) जैसे संगठनों के विशेषज्ञों के साथ मिलकर विभाग की योजनाओं की प्रगति जांची गई।

इन मुख्य बिंदुओं पर रहा जोर

  • डिजिटल खेती (Digital Agriculture): योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुँचाने के लिए तकनीकी सुधार।
  • जैविक खेती (Organic Farming): बिहार में जैविक कॉरिडोर और 'जैविक खेती मिशन' को और अधिक प्रभावी बनाना।
  • योजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग: सरकारी योजनाओं (जैसे बीज वितरण, सब्सिडी) में देरी को खत्म करने के लिए सख्त निगरानी तंत्र।
  • पीएम किसान और डीबीटी: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और अन्य डीबीटी (Direct Benefit Transfer) योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन पर चर्चा।

"कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखेगा बदलाव"

 कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि विशेषज्ञों और संस्थाओं (PMU) का सहयोग केवल कागजी रणनीति तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि तकनीक का लाभ गांव के अंतिम छोर पर बैठे किसान तक पहुंचना अनिवार्य है।

"हमारा उद्देश्य बिहार की कृषि को ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुरूप बनाना है, ताकि हमारे किसानों को उनकी मेहनत का सही मोल मिल सके और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो।" बिहार सरकार का यह कदम संकेत देता है कि आने वाले समय में राज्य की कृषि व्यवस्था में डेटा-ड्रिवन गवर्नेंस (Data-driven Governance) का बोलबाला होगा, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और विकास की गति तेज होगी।