बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आंगनबाड़ी सेविकाओं का जागरूकता कार्यक्रम

  • Post By Admin on Feb 07 2026
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आंगनबाड़ी सेविकाओं का जागरूकता कार्यक्रम

लखीसराय : महिला एवं बाल विकास निगम, लखीसराय के तत्वावधान में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत समहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में विभिन्न प्रखंडों से आई आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए “100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास निगम, लखीसराय के जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा ने की। उन्होंने सेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह समाज के लिए एक अभिशाप है, जो बालिकाओं की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य को प्रभावित करता है तथा उनके समग्र विकास में बाधक है। उन्होंने आंगनबाड़ी सेविकाओं से अपील की कि वे बाल विवाह का बहिष्कार करें और ऐसी किसी भी घटना की जानकारी जिला प्रशासन को दें।

हब के जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे पहले विवाह करना कानूनन अपराध है, जिसमें एक लाख रुपए तक जुर्माना और दो वर्ष तक कारावास की सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह से न केवल कानून का उल्लंघन होता है, बल्कि बालिका का बचपन, स्वास्थ्य और भविष्य भी प्रभावित होता है।

सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक पूनम कुमारी ने महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि जिले में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे निःशुल्क सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने 181 हेल्पलाइन सहित अन्य टोल फ्री नंबरों और पीड़ित महिलाओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी दी।

जिला समन्वयक कन्हैया कुमार ने कहा कि बाल विवाह से न तो व्यक्ति का भला होता है और न ही समाज का। इससे बेटियां मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो जाती हैं और अपने भविष्य के फैसले स्वयं नहीं ले पातीं। उन्होंने अपील की कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर शिकायत दर्ज कराई जाए।

कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आई दर्जनों आंगनबाड़ी सेविकाएं मौजूद रहीं। अंत में सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकथाम के लिए सामूहिक रूप से शपथ भी दिलाई गई।