सनातन आस्था का दिव्य पर्व गंगा दशहरा, पुण्य लाभ के लिए उमड़ेंगे श्रद्धालु

  • Post By Admin on May 24 2026
सनातन आस्था का दिव्य पर्व गंगा दशहरा, पुण्य लाभ के लिए उमड़ेंगे श्रद्धालु

लखीसराय : सनातन धर्म में गंगा दशहरा को आस्था, आत्मशुद्धि और पुण्य प्राप्ति का महापर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इसलिए इस पर्व को गंगा अवतरण दिवस के रूप में भी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान विष्णु से उत्पन्न मां गंगा को ब्रह्मा ने प्रतिष्ठित किया था और भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण किया। बाद में राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए मां गंगा को धरती पर लाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी कारण गंगा दशहरा का पर्व विशेष धार्मिक महत्व रखता है। मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। इनमें झूठ बोलना, कटु वचन कहना, निंदा और चुगली जैसे वाणी संबंधी पाप, हिंसा, चोरी और दुराचार जैसे शारीरिक पाप तथा लालच, ईर्ष्या और अशुद्ध विचार जैसे मानसिक पाप शामिल हैं।

ज्योतिषाचार्य पवन मिश्रा ने बताया कि पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 25 मई 2026 सोमवार को प्रातः 4:30 बजे आरंभ होगी और 26 मई मंगलवार को प्रातः 5:10 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व 25 मई सोमवार को मनाया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालु गंगा घाटों पर स्नान, पूजा-पाठ और दान-पुण्य कर मां गंगा से सुख, समृद्धि और पापों से मुक्ति की कामना करेंगे।