शंकराचार्य एफआईआर पर बवाल, अखिलेश बोले—सरकार कर रही राजनीतिक दुर्भावना से कार्यवाई
- Post By Admin on Feb 22 2026
लखनऊ : अखिलेश यादव ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 वर्ष पुराने मामले को उठाकर शंकराचार्य को अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है।
रविवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सपा प्रमुख ने कहा कि वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इस स्तर तक जाकर आरोप लगवाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतकर्ता किसी अन्य संत के शिष्य हैं तो पूर्व में दर्ज एक मामले को वापस लेना उनकी भूल थी।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी तथा कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बाल यौन शोषण के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई न्यायालय के निर्देश पर की गई बताई जा रही है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि हाल में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोका गया, जो अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में कई दिनों तक धरने पर बैठे रहने के बावजूद सरकार ने उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया। सपा अध्यक्ष ने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई करार दिया।
उन्होंने भाजपा पर चुनाव से पूर्व प्रदेश का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। साथ ही दावा किया कि पूर्व में मंदिर में मांस फेंकने जैसी घटनाओं की जांच में भाजपा कार्यकर्ताओं की संलिप्तता सामने आई थी।
सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया पर फर्जी और एडिटेड वीडियो के जरिए समाज में तनाव फैलाने की कोशिशों पर भी चिंता जताई और लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने राज्य सरकार की विकास योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी सरकार के समय गोमती और हिंडन नदियों की सफाई के लिए योजनाएं शुरू की गई थीं, जिन्हें वर्तमान सरकार आगे नहीं बढ़ा रही।
अंडरग्राउंड पाइपलाइन परियोजनाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड से लखनऊ तक लागत दोगुनी हो गई है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित जापान दौरे पर भी उन्होंने तंज कसा और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना की।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि जनता ने मन से वर्तमान सरकार को अस्वीकार कर दिया है और अब केवल मतदान का इंतजार है।