दलित अपमान के खिलाफ सड़कों पर उतरी AAP : बाजवा की टिप्पणी से पंजाब में सियासी तूफान
- Post By Admin on Feb 14 2026
चंडीगढ़ : कांग्रेसी नेता और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा पंजाब सरकार के मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ पर की गई कथित जातिवादी और अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने पूरे पंजाब में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने इसे न केवल एक मंत्री, बल्कि पूरे दलित समाज और मेहनतकश श्रमिक वर्ग का अपमान करार दिया।
राज्यभर में हुए प्रदर्शनों में आम आदमी पार्टी के मंत्री, विधायक, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने “दलित-विरोधी कांग्रेस मुर्दाबाद” और “बाजवा मुर्दाबाद” के नारे लगाए और कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की।
‘आप’ के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि प्रताप बाजवा की टिप्पणी से कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता एक बार फिर उजागर हो गई है। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी भी कीमत पर दलितों, मजदूरों और श्रमिकों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी।
पन्नू ने आरोप लगाया कि बाजवा की भाषा कांग्रेस की उस पुरानी सोच को दर्शाती है, जिसमें हाशिए पर खड़े समुदायों को नीचा दिखाया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि जहां ‘आप’ सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जनकल्याण को प्राथमिकता देती है, वहीं कांग्रेस आज भी सामंती और जातिवादी मानसिकता में फंसी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि बाजवा की टिप्पणी विशेष रूप से बैंड-बाजा कलाकारों, दिहाड़ी मजदूरों और सांस्कृतिक कर्मियों का अपमान है, जो सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में मेहनत कर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं।
बलतेज पन्नू ने कांग्रेस हाईकमान से सवाल किया कि क्या बाजवा की भाषा पार्टी की आधिकारिक सोच को दर्शाती है या नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी यह साबित करती है कि यह बयान केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पार्टी की मानसिकता का प्रतिबिंब है।
मलेरकोटला और रोपड़ समेत कई जिलों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए। इसके अलावा होशियारपुर, कपूरथला, अमृतसर, लुधियाना, मोगा, पटियाला, बठिंडा, संगरूर, फिरोजपुर, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, बरनाला और एसएएस नगर सहित लगभग पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन दर्ज किए गए।
अंत में पन्नू ने कहा कि पंजाब गुरु साहिबान की समानता की शिक्षाओं और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा पर चलता है। जब तक प्रताप बाजवा और कांग्रेस नेतृत्व बिना शर्त माफी नहीं मांगते, तब तक आम आदमी पार्टी का यह आंदोलन जारी रहेगा।