शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ी मुश्किलें, यौन शोषण मामले में कोर्ट ने दिया FIR का आदेश

  • Post By Admin on Feb 22 2026
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ी मुश्किलें, यौन शोषण मामले में कोर्ट ने दिया FIR का आदेश

प्रयागराज : सनातन धर्म के प्रमुख धर्मगुरुओं में शुमार ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक बड़े कानूनी विवाद में घिर गए हैं। संगमनगरी स्थित विशेष पॉक्सो अदालत ने उनके और उनके करीबी शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, विशेष पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने मामले से जुड़े दो नाबालिगों के बयान दर्ज किए जाने और पुलिस रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद यह आदेश पारित किया। बीते 13 फरवरी को दोनों नाबालिगों के बयान वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए थे। साक्ष्यों और प्राथमिक जांच को संज्ञान में लेते हुए अदालत ने निर्णय सुरक्षित रखा था, जिसके बाद अब झूंसी थाने में विधिवत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह मामला अदालत तक शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा दायर याचिका के जरिए पहुंचा। उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(4) के तहत प्रार्थनापत्र दाखिल कर आरोप लगाया था कि वाराणसी स्थित विद्या मठ में नाबालिगों के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं हुई हैं। याचिका में कथित तौर पर एक सीडी को भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने का दावा किया गया है।

अदालत के आदेश के बाद याचिकाकर्ता ने न्यायपालिका के प्रति आभार जताते हुए इसे सच्चाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। साथ ही उन्होंने प्रयागराज से वाराणसी स्थित विद्या मठ तक ‘सनातन यात्रा’ निकालने की घोषणा की है।

फिलहाल पुलिस को अदालत के आदेश के अनुरूप प्राथमिकी दर्ज कर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई करनी है। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।