अशोक धाम भगदड़ पर प्रशांत किशोर का हमला, बोले 4 लाख मुआवजे से नहीं चलेगा काम
- Post By Admin on Aug 18 2026
लखीसराय: अशोक धाम मंदिर में हुई भगदड़ में सात श्रद्धालुओं की मौत के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। बांकीपुर से नवनिर्वाचित विधायक और जन सुराज पार्टी के संयोजक प्रशांत किशोर मंगलवार को लखीसराय पहुंचे। उन्होंने सदर अस्पताल जाकर हादसे में घायल श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इसके बाद उन्होंने मृतकों के परिजनों से भी मुलाकात की। प्रशांत किशोर ने कहा कि मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से हादसे की जवाबदेही तय करने की मांग की। उनका आरोप था कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद अब तक किसी कर्मचारी या अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि सात लोगों की मौत के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि भीड़ प्रबंधन तथा सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि केवल मुआवजे की घोषणा कर मामले को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए।
सदर अस्पताल की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने लखीसराय सदर अस्पताल में इलाज की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं होने के कारण कुछ घायलों के परिजनों को उन्हें निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में ले जाना पड़ा। उन्होंने एक निजी नर्सिंग होम में दो घायलों के आईसीयू में भर्ती होने की बात भी कही। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के समय सदर अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। हालांकि, अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।
विजय सिन्हा और ललन सिंह पर भी साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने स्थानीय विधायक एवं कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद स्थानीय और प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारी तय किए जाने की आवश्यकता है। वहीं उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, विजय कुमार सिन्हा हादसे के बाद लखीसराय पहुंचे थे। उन्होंने अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों के परिजनों से भी मुलाकात की। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिन्हा ने प्रशासनिक स्तर पर हुई चूक को स्वीकार करते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई का भरोसा दिया था।
भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल
अशोक धाम में सावन की तीसरी सोमवारी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। प्रशासन के अनुसार, बिजली का पोल गिरने के बाद उससे संबंधित अफवाह फैलने पर श्रद्धालुओं में अचानक अफरा-तफरी मची और भगदड़ की स्थिति पैदा हुई। रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि दो ट्रेनों के एक साथ आने से मंदिर क्षेत्र में भीड़ अचानक बढ़ गई थी। घटना के बाद भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, निगरानी और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। प्रशांत किशोर ने भी इन्हीं व्यवस्थाओं को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को केवल आर्थिक सहायता देने के बजाय घटना की पूरी जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो।