पुराने प्रपत्रों को अमान्य करने के निर्णय पर उठे सवाल, अधिवक्ता लिपिकों ने जताई आपत्ति
- Post By Admin on Aug 18 2026
लखीसराय : जिला विधिज्ञ संघ, लखीसराय द्वारा 1 अगस्त 2026 से पहले खरीदे गए प्रपत्रों को अमान्य घोषित करने और नए प्रपत्रों की बिक्री शुरू करने के निर्णय को लेकर अधिवक्ता एवं अधिवक्ता लिपिकों में असंतोष बढ़ गया है। इस फैसले के विरोध में दर्जनभर से अधिक अधिवक्ता लिपिकों ने संघ के अध्यक्ष और महासचिव को संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपकर निर्णय पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की है।
ज्ञापन में अधिवक्ता लिपिकों ने कहा कि पुराने प्रपत्र उन्होंने संघ के काउंटर से विधिवत खरीदे हैं। ऐसे में इन्हें अचानक अमान्य किए जाने से आर्थिक नुकसान के साथ व्यावहारिक परेशानियां भी उत्पन्न होंगी। उनका कहना है कि पुराने प्रपत्रों को वापस लेकर नए प्रपत्र जारी करने की भी कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गई है।
अधिवक्ता लिपिकों के अनुसार संघ कार्यालय में प्रपत्रों की बिक्री का रिकॉर्ड उपलब्ध है। इस रिकॉर्ड के आधार पर पुराने और नए प्रपत्रों का मिलान कर वास्तविकता की जांच की जा सकती है। यदि किसी स्तर पर फर्जी प्रपत्रों के इस्तेमाल की आशंका है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, सभी पुराने प्रपत्रों को एक साथ अमान्य करना उचित नहीं है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि प्रपत्रों की बिक्री से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले आमसभा की स्वीकृति नहीं ली गई। साथ ही, संघ के अध्यक्ष को भी निर्णय प्रक्रिया में समुचित रूप से विश्वास में नहीं लिए जाने का आरोप लगाया गया है। अधिवक्ता लिपिकों ने संघ के पदाधिकारियों से अधिवक्ताओं और अधिवक्ता लिपिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने 1 अगस्त 2026 से पहले खरीदे गए प्रपत्रों को अमान्य किए जाने का फैसला वापस लेने का आग्रह किया है।