बांकीपुर उपचुनाव पर PK का बड़ा आरोप, बोले- भाजपा के इशारे पर हुई हमारे नेताओं की गिरफ्तारी
- Post By Admin on Aug 02 2026
पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर जन सुराज और प्रशासन के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पटना के एसएसपी पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और पार्टी के स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी कराने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में सभी साक्ष्य चुनाव आयोग को सौंप दिए गए हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ पार्टी ने चुनाव आयोग को दस्तावेज और अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि पटना एसएसपी की ओर से जारी पत्र में यह कहा गया कि बाहर से आए लोगों को शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हिरासत में लिया गया, जबकि गिरफ्तार किए गए अधिकांश लोग पटना के स्थानीय निवासी थे।उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कई लोगों को देर रात उनके घरों से उठाया, जबकि वे अपने घरों में मौजूद थे और किसी प्रकार की चुनावी गतिविधि में शामिल नहीं थे। उन्होंने कहा कि धारा 144 के उल्लंघन का दावा किया गया, लेकिन जो लोग घरों में सो रहे थे, वे भला किस प्रकार इसका उल्लंघन कर सकते थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद मंदिरी वार्ड-26 के निवासी नवल किशोर गुप्ता ने दावा किया कि देर रात पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के साथ ले गई। उन्होंने कहा कि पूरे दिन उन्हें विभिन्न स्थानों पर रखा गया और शाम करीब पांच बजे मतदान कराने के बाद छोड़ा गया।वार्ड-22 की निवासी निभा भूषण ने आरोप लगाया कि मतदान के दिन पुलिस उनके घर तक पहुंची। उन्होंने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि बिना अनुमति उनके घर में पुलिस क्यों दाखिल हुई। उनके अनुसार, इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।वार्ड-38 निवासी सुनील चंद्रवंशी ने भी आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें कई बार पूछताछ के नाम पर अपने साथ ले गई और बाद में उनके घर पर भी पुलिस पहुंची। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि जन सुराज से जुड़े कुल 54 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कार्रवाई निष्पक्ष थी तो भाजपा के कितने लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस का दावा है कि केवल बाहरी लोगों पर कार्रवाई हुई, तो स्थानीय निवासियों की गिरफ्तारी का आधार क्या था।
उन्होंने यह भी कहा कि अपने लंबे राजनीतिक अनुभव में उन्होंने नीतीश कुमार के 20 वर्षों के शासनकाल में चुनाव के दौरान प्रशासन के इस प्रकार के दुरुपयोग का उदाहरण नहीं देखा। उन्होंने बताया कि पार्टी की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने मतगणना के दौरान संबंधित अधिकारी को ड्यूटी से हटाने का आश्वासन दिया है। हालांकि, इन आरोपों पर जिला प्रशासन या पटना पुलिस की ओर से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।