DUSU Election : ABVP की बड़ी जीत के बीच DU में बवाल, कैंपस में भारी विरोध प्रदर्शन
- Post By Admin on Sep 19 2026
नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के बहुप्रतीक्षित परिणाम सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में सियासी घमासान तेज हो गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय पैनल के चार में से तीन प्रमुख पदों पर परचम लहराया है। वहीं कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरे दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर ऐतिहासिक अंतर से जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया। दूसरी तरफ, चुनावी नतीजों की घोषणा के साथ ही कई छात्र संगठनों ने धांधली का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा शुरू कर दिया।
मतगणना और मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर छात्रों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। मतगणना में अनियमितता का आरोप लगाते हुए निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव के समर्थकों ने धरना प्रदर्शन किया। स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और हालात पर काबू पाया।
इस बीच, एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी विजय शंकर मीणा ने चुनाव में बड़े पैमाने पर फर्जी और जबरन मतदान कराने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने ऐलान किया कि वे इस चुनावी धांधली के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। मीणा ने कहा कि वे इसे अपनी हार नहीं मानते बल्कि दिल्ली विश्वविद्यालय का हर छात्र जीता है। उन्होंने बताया कि मतदान के दौरान स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज, रामजस कॉलेज और शिवाजी कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों में हुई संदिग्ध घटनाओं को लेकर वे पहले ही औपचारिक शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
डूसू के चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास ने 24,576 वोट हासिल कर विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों के करीबी अंतर से शिकस्त दी। एनएसयूआई को इस बार चारों प्रमुख पदों में से किसी पर भी कामयाबी नहीं मिल सकी और उसे अध्यक्ष तथा संयुक्त सचिव पद पर बेहद मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी। संगठन की इस नाकामी में उसके अपने बागी उम्मीदवार दीपांशु शौकीन की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। टिकट न मिलने पर निर्दलीय मैदान में उतरे शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर 13,700 से अधिक मतों के भारी अंतर से एकतरफा जीत दर्ज की, जिसने एनएसयूआई के पारंपरिक वोट बैंक में जबरदस्त सेंध लगाई।