बिहार में जमीन के रिकॉर्ड को लेकर बड़ा फैसला, आवेदन के बिना भी सुधारी जाएगी जमाबंदी

  • Post By Admin on Sep 19 2026
बिहार में जमीन के रिकॉर्ड को लेकर बड़ा फैसला, आवेदन के बिना भी सुधारी जाएगी जमाबंदी

पटना: बिहार में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में सुधार को लेकर चल रहे राजस्व महाअभियान के बीच सरकार ने अंचल अधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ा दी है। अब कई मामलों में रैयत यानी जमीन मालिक के आवेदन का इंतजार किए बिना भी जमाबंदी में दर्ज गड़बड़ियों को दूर करने की पहल अंचल स्तर से की जा सकेगी। वहीं, अभियान के दौरान 99 प्रतिशत तक आवेदन खारिज करने वाले तीन अंचल अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक जमाबंदी सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जमीन के रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को चिह्नित कर उन्हें ठीक करना और लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना है। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पहले खारिज किए गए उन मामलों की भी दोबारा समीक्षा की जाए, जिनमें रिकॉर्ड की गड़बड़ी के कारण समस्या पैदा हुई थी।

विभागीय समीक्षा के दौरान सारण जिले के परसा, अमनौर और दरियापुर के अंचल अधिकारियों द्वारा अभियान में 99 प्रतिशत आवेदन खारिज किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं पश्चिम चंपारण और सुपौल के कुछ अंचल अधिकारियों को भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने का निर्देश दिया गया है। राजस्व विभाग ने मृत रैयतों के उत्तराधिकारियों के नाम जमाबंदी में दर्ज करने के मामलों में भी अंचल स्तर से सक्रिय पहल करने को कहा है। इसका असर उन परिवारों पर पड़ सकता है जिनके जमीन संबंधी रिकॉर्ड में लंबे समय से नामांतरण या जमाबंदी सुधार की समस्या बनी हुई है।