कांग्रेस ने की 89 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की मांग, आयोग ने कहा- निर्धारित प्रपत्र में ही मान्य होंगी आपत्तियां
- Post By Admin on Aug 31 2025

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) विवादों में आ गया है। इंडियन नेशनल कांग्रेस ने मतदाता सूची से लगभग 89 लाख नाम हटाने की मांग करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र सौंपे हैं। इस पर बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर साफ किया कि इस तरह की आपत्तियां केवल निर्धारित प्रपत्र में ही स्वीकार्य होंगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कांग्रेस के जिला अध्यक्षों ने पिछले दो दिनों में बड़े पैमाने पर नाम काटने की शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन निर्वाचन नियमों के अनुसार नाम हटाने के लिए आवेदन केवल निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म 7 में ही दिया जा सकता है। राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट्स भी यह कार्य कर सकते हैं, परंतु उन्हें आवश्यक घोषणा और प्रमाण के साथ आपत्ति दर्ज करानी होती है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी 22 अगस्त के अपने अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया है कि राजनीतिक दल यदि प्रारूप मतदाता सूची में गलत नाम पाते हैं तो वे उसे निर्धारित प्रारूप में ही संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को सौंपें। ऐसे में कांग्रेस जिला अध्यक्षों द्वारा दी गई आपत्तियां वैधानिक प्रारूप में न होने के कारण सीधे मान्य नहीं होंगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी कहा कि करीब 89 लाख नाम हटाने की मांग गंभीर मामला है और इतनी बड़ी संख्या पर कार्रवाई से पहले निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, कांग्रेस नेताओं से शपथपत्र लेने के बाद ही निर्णय लेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कांग्रेस की शिकायतें उचित प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएं और कानून सम्मत कार्रवाई की जाए।