विविध समाचार
- Post by Admin on Nov 27 2023
आईईए के नवीनतम अनुमानों के अनुसार, आज की नीतिगत व्यवस्था के तहत भी, तेल और गैस दोनों की वैश्विक मांग 2030 तक पीक पर पहुंच जाएगी। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए और मजबूत कदम का मतलब दोनों ईंधनों की मांग में गिरावट लाना वाजिब है। ग्लोबल वार्मिंग को डेढ़ डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लक्ष्य को पहुंच के भीतर बनाए रखने के लिए सदी के मध्य तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन तक पहुंचने की राह में 2050 तक तॠread more
- Post by Admin on Nov 25 2023
दुनिया में उत्पादित कुल भोजन के एक तिहाई हिस्से का उत्पादन करने वाले लघु स्तरीय किसानों को अंतरराष्ट्रीय क्लाइमेट फाइनेंस या जलवायु वित्त का महज 0.3 प्रतिशत हिस्सा ही नसीब होता है। इस बात का पता चलता है दुनिया के साढ़े तीन करोड़ पुश्तैनी, या पीढ़ी दर पीढ़ी खेती करते चले आ रहे छोटे और मंझोले किसान परिवारों का प्à read more
- Post by Admin on Nov 22 2023
संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रकाशित एक प्रमुख नई रिपोर्ट में पाया गया है कि दुनिया के विभिन्न देशों की सरकारें 2030 में ग्लोबल वार्मिंग में वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिये निर्धारित अधिकतम सीमा से लगभग 110% अधिक जीवाश्म ईंधन का उत्पादन करने की योजना बना रही हैं। दो डिग्री सेल्सियस के लिहाज से देखे तो वे 69% अधिक जीवाश्म ईंधन का उत्पादन करने की तैयारी कर रही read more
- Post by Admin on Nov 22 2023
नवंबर 2022 से अक्टूबर 2023 तक की अवधि पृथ्वी की सबसे गर्म 12 महीने की मीयाद रही ग्लोबल वार्मिंग पूर्व-औद्योगिक स्तरों के मुकाबले 1.3 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर गई है। इसी बीच की गई एट्रीब्यूशन स्टडी में ऐसे देशों और शहरों की पहचान की गई है जहां जलवायु परिवर्तन की वजह से तापमान पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। नवंबर 2022 से अक्टूबर 2023 तक 12 महीने का नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस दौरान वैठread more
- Post by Admin on Nov 22 2023
विश्व विख्यात मेडिकल जर्नल द लैंसेट की एक नई रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इस सदी के मध्य तक वैश्विक स्तर पर गर्मी से संबंधित मौतों में 4.7 गुना इज़ाफ़ा होने की संभावना है। द लैंसेट काउंटडाउन ऑन हेल्थ एंड क्लाइमेट चेंज की 8वीं वार्षिक रिपोर्ट में, सीधे तौर पर कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक निष्क्रियता के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहे हैं और अगर तापमान 1.5 डिग्री सेल्सि read more
- Post by Admin on Nov 22 2023
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, दुनिया भर में रिन्यूबल एनर्जी को प्राथमिकता देने के मामले में एशिया सबसे तेज़ खिलाड़ी के तौर पर उभर रहा है। एशिया में इस क्षेत्र में निवेश में सालाना 23% की प्रभावशाली वृद्धि हो रही है, जो कि ज़ीरो कार्बन एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार $ 345 बिलियन की एक आश्चर्यजनक राशि है। निवेश में यह उछाल मुख्य रूप से विंड, सोलर और क्लीन एनेर्जी वेहिक्लेस की ओर निर्देशित ठread more
- Post by Admin on Nov 22 2023
आजकल उत्तर भारत में एयर पॉल्यूशन, एक्यूआई, स्मोग टावर, पराली, ऑड ईवन फॉर्मूला आदि काफ़ी चर्चा में है। पिछले कुछ सालों से हर साल सर्दियों में यह सब शब्द चर्चा का केंद्र बनने लगते हैं और एक दो महीने में फिर उनकी चर्चा कम होने लगती है। प्रदूषण को एक सीजन की तरह या एक सीज़न से जोड़ कर देखा जाने लगा है। इस पूरे घटनाक्रम का यह एक चिंताजनक पहलू है। एक शिक्षिका होने के नाते, अपने लगभग दो दशकोà read more
- Post by Admin on Nov 22 2023
एक कड़ी चेतावनी देते हुए, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की नवीनतम एमिशन गैप रिपोर्ट दुनिया के तमाम देशों के लिए वर्तमान पेरिस समझौते के वादों से परे अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं को बढ़ाने की अनिवार्यता को साफ़ करती है। ऐसा करने में विफल रहने पर सदी के अंत तक वैश्विक तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 2.5-2.9 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। दुबई में 2023 जलवायु शिखर सम्मेलन से पहठread more
- Post by Admin on Oct 11 2023
इस नए शोध की मानें तो जलवायु परिवर्तन और भीषण गर्मी आपके बच्चे का बुढ़ापा खराब कर सकती है। अगर आप कल की किसी ऐसी संभावना से बचना चाहते हैं तो आपको आज कुछ करना होगा। जलवायु परिवर्तन तो प्राकृतिक प्रक्रिया है और वो हमारे विकास के साथ होती रहेगी। लेकिन उसकी गति को अगर नियंत्रण में नहीं रखा तो उसके बुरे प्रभावों को झेलने के लिए भी हमें और हमारी आने वाली पीढ़ियों को तैयार होना होगा। अगर à read more
- Post by Admin on Oct 06 2023
ऊर्जा थिंक टैंक एम्बर द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत ने यूरोपीय संघ के समान, 2023 की पहली छमाही में सौर ऊर्जा उत्पादन में वैश्विक वृद्धि में 12% का योगदान दिया। रिपोर्ट में जनवरी से जून 2023 तक, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में, 78 देशों में बिजली उत्पादन डेटा का विश्लेषण किया गया है। यह देश वैश्विक बिजली मांग के 92% का प्रतिनिधित्व करते हैं। वैश्विक स्तर पर, साल 2023 की पहली read more