भागलपुर समाचार
- Post by Admin on Apr 10 2023
भागलपुर: बिहार में कोरोना के मरीजों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है। एक तरफ जहां संक्रमित मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा अभी पटना में है। वहीं भागलपुर में कोरोना के आधे दर्जन मरीज मिले हैं। 200 से अधिक लोगों में कोविड के लक्षण भी पाए गए हैं। भागलपुर से सटे जिला मुंगेर में भी कई लोग कोरोना से संक्रमित मिले हैं। इस बात से क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है। इस बाबत सिविल सर्जन ठread more
- Post by Admin on Jan 31 2023
भागलपुर : जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र के भतोड़िया गांव मंगलवार को एक खास मामले को लेकर चर्चा चर्चा में रहा। दो बच्चों की मां अपने पड़ोसी के आशिकी में बेवफा हो गई। जब महिला के पति ने अपनी पत्नी को आशिक के साथ गलत करते सरेआम देख लिया तो अब महिला के सामने कोई रास्ता नहीं बचा। प्रेमी भी उस बेवफा को अपनाने से इनकार कर रहा है। दो बच्चे की मां को पड़ोसी से इस कदर प्यार हुआ कि वह à read more
- Post by Admin on Jan 18 2023
भागलपुर : बिहार में जातिगत जनगणना का मुद्दा बहुत दिनों से गरमाया हुआ था। अंततः इसकी शुरुआत भी हो गई जिसमें जनगणना कार्य का भार बिहार के शिक्षकों के कंधे पर डाला गया। अब शिक्षक बेचारे कितना काम का बोझ उठावें? अपना बोझ कम करने के लिए उन्हें विद्यार्थियों से बेहतर कोई उपाय न सूझा। अब बिहार के कई जगहों से ऐसी खबर मिल रही है कि शिक्षक की जगह छात्र जातिगत गणना का कार्य कर रहे हैं। ता read more
- Post by Admin on Apr 04 2018
कुमारी नीतु :सिमुलतला: जमुई । आज की पत्रकारिता जहां सिक्कों की खनक में अपना मूल्य खो चुकी है , व्यक्तिगत हितों की बलिवेदी पर राष्टहित की तिलांजलि दी जा रही है , इस गहन अंधकार में एक भारतीय आत्मा माखनलाल चतुर्वेदी ऐसे अमरदीप की तरह हैं जिन्होंने मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री की कुर्सी ठुकरा कर पत्रकारिता व साहित्य का वरण किया । उक्त बातें बुधवार को सिमुलतला आवासीय विद्यालय ठread more
- Post by Admin on Mar 23 2018
भारत के सबसे बड़े क्रांतिकारी थे शहीदेआजम भगत सिंह, जिन्होंने शोषणमुक्त समरस भारत की कल्पना की थी । उनका सपना आज भी अधूरा है ।भारत की स्वतंत्रता में उनका योगदान किसी से कम नहीं । भगत सिंह , राजगुरु , सुखदेव और चन्द्रशेखर आजाद आजादी के सबसे बड़े योद्धाओं में से थे । कुछ इतिहासकारों ने कुत्सित योजनांतर्गत भगत सिंह , चंद्रशेखर आजाद जैसे शहीदों को आतंकवादी कहकर उनका अपमान किया है । विडंठread more
- Post by Admin on Feb 12 2018
सिमुलतला ,जमुई: कुमारी नीतू तत्कालीन भारतीय राजनीति व संस्कृति की अनन्य परिघटना थे स्वामी दयानंद सरस्वती ! वह एक महान विचारक होने के साथ – साथ संस्कृति उद्धारक भी थे । उनमें भारत -माता के प्रति भक्ति ऐसी थी , कि उन्हें गुलामी की जंजीरों से मुक्त करने के लिए गांव – गांव , शहर – शहर जनजागरण का बिगुल फूंकते रहे , अलख जगाते रहे और एक ऐसा सूर्यपिंड बनकर उभरे , जिनसे नाना साहब , ठread more