नशे के खिलाफ लखीसराय की महिलाओं ने खोला मोर्चा, गांव-गांव जागरूकता फैला रहीं जीविका दीदियां
- Post By Admin on Nov 01 2026
लखीसराय : बिहार सरकार की मद्य निषेध नीति को गांव-गांव तक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लखीसराय जिले में जीविका दीदियों ने नशामुक्ति अभियान की कमान संभाल ली है। जिले के सभी सात प्रखंडों में 27 अक्टूबर से शुरू हुआ यह विशेष जागरूकता अभियान 25 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसके तहत ग्रामीणों को शराब और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों की जानकारी देकर नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इसी कड़ी में रविवार को रामगढ़ चौक प्रखंड की बिल्लो और शरमा पंचायत में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जीविका, उत्पाद, मद्य निषेध एवं निबंधन विभाग तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में रचना जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ, बिल्लो और उपकार जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ, शरमा की सदस्याओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में सैकड़ों जीविका दीदियां और उनके परिजन शामिल हुए। अभियान के तहत जिले के सभी सात प्रखंडों लखीसराय, सूर्यगढ़ा, बड़हिया, रामगढ़ चौक, हलसी, पिपरिया और चानन में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जीविका से जुड़े सभी 17 संकुल स्तरीय संघों और ग्राम संगठनों में विशेष बैठकों के माध्यम से नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इन बैठकों में जीविका दीदियां नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प ले रही हैं। उनका कहना है कि वे न तो स्वयं नशा करेंगी और न ही अपने परिवार के सदस्यों को नशे की ओर जाने देंगी। साथ ही अपने टोले-मोहल्ले को भी नशामुक्त बनाने के लिए प्रयास करेंगी।जागरूकता कार्यक्रमों में महिलाएं अपने अनुभव साझा कर रही हैं। वे बता रही हैं कि शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है, घरेलू विवाद बढ़ते हैं और बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। इसके साथ ही नशामुक्त जीवन से होने वाले आर्थिक और सामाजिक लाभों पर भी चर्चा की जा रही है। जीविका की ओर से अभियान के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय और उत्पाद, मद्य निषेध एवं निबंधन विभाग के सहयोग से विभिन्न ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन भी जीविका दीदियों द्वारा किया जा रहा है।
जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक अनीता कुमारी ने कहा कि गांवों में जीविका दीदियों की मजबूत भागीदारी है। जब सवा लाख से अधिक दीदियां एक साथ नशे के खिलाफ आवाज उठाएंगी, तो इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि अभियान का लक्ष्य हर परिवार को नशे की बुराई से मुक्त करने के लिए जागरूक करना है। वहीं, उपकार जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ की अध्यक्ष बिंदु देवी ने कहा कि अभियान से जिले में नशामुक्ति को लेकर सकारात्मक माहौल बन रहा है। ग्रामीण महिलाएं इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं और उनके प्रयासों की सराहना हो रही है। रामगढ़ चौक में आयोजित कार्यक्रम में उत्पाद अधीक्षक दीपक कुमार सिंह, जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक महेश चौधरी, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़े प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में जीविका दीदियां उपस्थित रहीं।