BRABU के पत्र के बाद एलएस कॉलेज में प्रिंटर विवाद गरमाया, प्राचार्य के खिलाफ छात्रों में नाराजगी
- Post By Admin on Oct 15 2026
मुजफ्फरपुर: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर की ओर से 14 अक्टूबर 2026 को जारी एक पत्र के बाद लंगट सिंह महाविद्यालय में प्रिंटर के कथित दुरुपयोग का मामला चर्चा में आ गया है। इस प्रकरण को लेकर महाविद्यालय के छात्र नेताओं ने प्राचार्य के खिलाफ विरोध जताया है। छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
विश्वविद्यालय के पत्र में महाविद्यालय के आईक्यूएसी कार्यालय में उपलब्ध हेवी ड्यूटी प्रिंटर का उपयोग आगामी विधानसभा परिषद चुनाव के एक प्रत्याशी के निजी इस्तेमाल के लिए किए जाने का मामला उठाया गया है। पत्र के अनुसार, इस मामले की सूचना मिलने पर कुलपति के निर्देश पर महाविद्यालय के आईक्यूएसी समन्वयक से जानकारी मांगी गई थी। समन्वयक की ओर से प्रस्तुत लिखित रिपोर्ट के आधार पर कुलानुशासक को स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। पत्र में उल्लेख किया गया है कि कुलानुशासक ने स्थल निरीक्षण के बाद मामले की रिपोर्ट कुलपति के अवलोकनार्थ प्रस्तुत की। इसमें यह भी कहा गया कि संबंधित समय पर प्राचार्य कार्यालय में अनुपस्थित थीं और उनके आकस्मिक अवकाश का आवेदन प्राप्त हुआ था, जबकि प्राचार्य के रूप में महाविद्यालय के दैनिक कार्यों के निष्पादन के लिए किसे अधिकृत किया गया था, इसका विवरण मांगा गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस प्रकरण पर प्राचार्य से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि स्पष्टीकरण प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर कुलपति के अवलोकनार्थ प्रस्तुत किया जाए।
छात्रों ने उठाए जवाबदेही के सवाल
इस मामले को लेकर छात्र नेताओं का कहना है कि महाविद्यालय के संसाधन विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों और संस्थान के आधिकारिक कार्यों के लिए हैं। यदि किसी प्रत्याशी के निजी चुनावी कार्य में इन संसाधनों का उपयोग किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और चुनाव आयोग से मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में यदि चुनावी नियमों या संस्थागत नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। छात्रों ने कुलपति से भी इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों के संसाधनों का उपयोग किसी व्यक्ति विशेष के चुनावी हित में नहीं होना चाहिए। फिलहाल, विश्वविद्यालय के पत्र में स्पष्टीकरण मांगे जाने की बात सामने आई है। प्रिंटर के उपयोग से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि और किसी की जिम्मेदारी निर्धारित करना जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा। इस मामले में संबंधित पक्षों का जवाब और विश्वविद्यालय प्रशासन की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।