कालाजार रोकथाम के लिए गांव-गांव में छिड़काव और जागरूकता अभियान तेज

  • Post By Admin on Mar 30 2026
कालाजार रोकथाम के लिए गांव-गांव में छिड़काव और जागरूकता अभियान तेज

लखीसराय : कालाजार रोग के उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रामगढ़ प्रखंड के नंदगांव में सिंथेटिक पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि बालू मक्खी के प्रकोप को नियंत्रित कर इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके।

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले को कालाजार मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए समुदाय की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि कालाजार बालू मक्खी के काटने से फैलने वाली बीमारी है और यह मक्खी प्रायः नमी वाले स्थानों पर पनपती है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घर के अंदर और बाहर साफ-सफाई बनाए रखें तथा कहीं भी नमी जमा न होने दें। यदि घर की दीवारें मिट्टी की बनी हैं तो उनमें पड़ने वाली दरारों को भरकर रखना चाहिए, क्योंकि इन दरारों में नमी जमा होने से बालू मक्खी के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार नरेंद्र कुमार ने बताया कि छिड़काव अभियान के साथ-साथ जिले में समय-समय पर कालाजार खोजी अभियान भी चलाया जाता है। इसके तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान करती हैं और उन्हें इलाज के लिए स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने में सहयोग करती हैं। साथ ही लोगों को कालाजार के लक्षण और उससे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक भी किया जाता है।

उन्होंने बताया कि कालाजार लीशमैनिया नामक परजीवी के कारण होने वाली बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति का खून चूसने के बाद बालू मक्खी के माध्यम से दूसरे लोगों में फैलती है। विश्व स्तर पर लीशमैनिया के 20 से अधिक प्रकार के परजीवी इस बीमारी के लिए जिम्मेदार हैं, जबकि बालू मक्खी की लगभग 90 प्रजातियां इन परजीवियों को फैलाने का कार्य करती हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस बीमारी के एक अन्य रूप पीकेडीएल में त्वचा पर सफेद दाग पड़ने लगते हैं और प्रभावित हिस्से में सुन्नता महसूस होती है। इससे बचाव के लिए शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनना, गंदगी और नमी वाली जगहों से दूर रहना तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है।