सम्राट सरकार के आधे मंत्रियों पर बड़े क्रिमिनल मामलें का खुलासा, 90 फीसदी मंत्री करोड़पति : ADR रिपोर्ट

  • Post By Admin on May 16 2026
सम्राट सरकार के आधे मंत्रियों पर बड़े क्रिमिनल मामलें का खुलासा, 90 फीसदी मंत्री करोड़पति : ADR रिपोर्ट

पटना: बिहार की राजनीति को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट ने नई बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सम्राट चौधरी सरकार के लगभग आधे मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि अधिकांश मंत्री करोड़पति हैं।

रिपोर्ट बिहार मंत्रिमंडल में 7 मई को हुए फेरबदल के बाद तैयार की गई है। इसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत 35 में से 31 मंत्रियों के स्व-घोषित शपथ पत्रों का विश्लेषण किया गया। ये शपथ पत्र आगामी विधानसभा और विधान परिषद चुनावों से पहले चुनाव आयोग को सौंपे गए थे। ADR और बिहार इलेक्शन वॉच के अनुसार, जिन 31 मंत्रियों के हलफनामों की जांच की गई उनमें से 15 मंत्रियों यानी करीब 48 प्रतिशत ने अपने ऊपर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। इनमें से 9 मंत्री ऐसे हैं जिन पर गंभीर आपराधिक आरोप लंबित हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जनता दल यूनाइटेड के अशोक चौधरी और भाजपा के प्रमोद कुमार को शपथ पत्र देने की आवश्यकता नहीं थी क्योंकि दोनों विधान परिषद के मनोनीत सदस्य हैं। वहीं आरएलएम के दीपक प्रकाश और जदयू के निशांत कुमार का विवरण रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया, क्योंकि वे फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। संपत्ति के मामले में भी रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे हैं। विश्लेषण के अनुसार 31 में से 28 मंत्री करोड़पति हैं। मंत्रियों की औसत घोषित संपत्ति 6.32 करोड़ रुपये बताई गई है। भाजपा के रामा निषाद सबसे अधिक 31.86 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले मंत्री बताए गए हैं, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संजय कुमार ने सबसे कम 22.30 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की है।

शिक्षा के स्तर पर रिपोर्ट में बताया गया कि 22 मंत्री यानी 71 प्रतिशत स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं। वहीं 8 मंत्रियों की शैक्षणिक योग्यता 10वीं से 12वीं तक है, जबकि एक मंत्री ने डिप्लोमा धारक होने की जानकारी दी है। उम्र के आधार पर देखा जाए तो 6 मंत्री 30 से 50 वर्ष आयु वर्ग में आते हैं, जबकि 25 मंत्री 51 से 80 वर्ष के बीच के हैं। महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी रिपोर्ट में चिंता जताई गई है। बिहार मंत्रिमंडल के 35 सदस्यों में केवल 5 महिलाएं शामिल हैं, जो कुल संख्या का लगभग 14 प्रतिशत है।