सुरक्षित मातृत्व अभियान को मिली सफलता, जिले में बढ़ा एएनसी जांच का प्रतिशत
- Post By Admin on May 29 2026
लखीसराय : जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान 86 प्रतिशत से अधिक गर्भवती महिलाओं द्वारा प्रसव-पूर्व जांच कराए जाने को स्वास्थ्य विभाग ने सकारात्मक उपलब्धि बताया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नियमित प्रसव-पूर्व जांच मां और नवजात शिशु की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक सह स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार ने कहा कि हर गर्भवती महिला का सपना होता है कि वह और उसका होने वाला बच्चा पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित रहें। इसके लिए जरूरी है कि गर्भावस्था के दौरान सभी चिकित्सीय परामर्श और जांच समय पर कराई जाएं। उन्होंने कहा कि प्रसव से पहले कम से कम चार बार जांच कराना मां और बच्चे दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। डॉ. अमित कुमार ने बताया कि प्रसव-पूर्व जांच का अर्थ है गर्भावस्था के दौरान महिला का स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण कर नियमित स्वास्थ्य निगरानी करना। यह प्रसव-पूर्व देखभाल का सबसे अहम चरण है, जो मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित जीवन प्रदान करने में मदद करता है।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधांशु नारायण लाल ने बताया कि वर्ष 2025-26 में जिले की 86.69 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं ने चार बार प्रसव-पूर्व जांच कराई है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा समुदाय स्तर पर चलाए गए जागरूकता अभियान का परिणाम है। हालांकि इस दिशा में अभी और प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।उन्होंने बताया कि प्रसव-पूर्व देखभाल के तहत नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पोषण संबंधी सलाह, जटिलताओं की रोकथाम तथा गर्भवती महिलाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लखीसराय की स्वास्थ्यकर्मी अंजू कुमारी ने बताया कि वह गृह भ्रमण के दौरान गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार लेने और समय पर प्रसव-पूर्व जांच कराने के लिए प्रेरित करती हैं, ताकि प्रसव के दौरान किसी प्रकार की जटिल समस्या का सामना नहीं करना पड़े।