फिर डराने लगा कोरोना, कोलकाता में बढ़ रहे संक्रमण के मामले
- Post By Admin on Jul 21 2026
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक बार फिर कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शहर के निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमित चार मरीजों का इलाज चल रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की नहीं, बल्कि सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में कोविड-19 से संक्रमित तीन नए मरीजों को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले 10 वर्षीय एक बालक को भी संक्रमण की पुष्टि के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुभजीत सेन ने बताया कि इन दिनों मौसमी वायरल संक्रमण, विशेषकर इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती तीन कोविड मरीजों में से एक की हालत में सुधार होने के बाद उसे छुट्टी दी जा रही है, जबकि दो मरीजों को ऑक्सीजन स्तर कम होने के कारण आईसीयू में रखा गया था। हालांकि इलाज के बाद उनकी स्थिति अब स्थिर है।
डॉ. सेन के अनुसार, कोविड-19 का मौजूदा स्वरूप ओमिक्रॉन लहर जैसा है, जिसमें अधिकांश मरीजों में बुखार, गले में खराश, खांसी और शरीर में दर्द जैसे हल्के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। हालांकि बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने, नियमित रूप से हाथ साफ रखने, अनावश्यक भीड़ से बचने तथा लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज मिलने से अधिकांश मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो रहे हैं।
गौरतलब है कि 18 जुलाई को गारिया निवासी 10 वर्षीय एक बालक को तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में उसकी कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे आईसीयू के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। देश के अन्य हिस्सों में भी कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच 12 नए संक्रमित मिले हैं, जबकि पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे चार मरीजों की मौत हुई है। वहीं पुणे में भी लगभग तीन वर्षों बाद कोविड-19 के मामलों में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकांश मरीजों में संक्रमण के लक्षण हल्के हैं, लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।