बेहतर भविष्य और स्वस्थ परिवार के लिए परिवार नियोजन जरूरी : डॉ. अशोक कुमार भारती

  • Post By Admin on May 26 2026
बेहतर भविष्य और स्वस्थ परिवार के लिए परिवार नियोजन जरूरी : डॉ. अशोक कुमार भारती

लखीसराय : परिवार नियोजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने कहा है कि परिवार नियोजन के स्थाई और अस्थाई दोनों साधन पूरी तरह सुरक्षित, प्रभावी और कारगर हैं। योग्य एवं इच्छुक महिलाएं अपनी सुविधा और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार किसी भी साधन को बेहिचक अपना सकती हैं।

जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया कि जिन महिलाओं का स्वास्थ्य ऑपरेशन के लिए अनुकूल नहीं है, वे अस्थाई साधनों का उपयोग कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि अस्थाई साधन भी स्थाई साधनों की तरह सुरक्षित और प्रभावी हैं। उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों से लेकर अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में अस्थाई परिवार नियोजन साधनों की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में स्थाई एवं अस्थाई दोनों प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इच्छुक लाभार्थी अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर इन सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि क्षेत्र की एएनएम और आशा कार्यकर्ता योग्य लाभार्थियों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक कर रही हैं। साथ ही जीविका समूह की सदस्य भी समुदाय के बीच जाकर लोगों को छोटे और सीमित परिवार के महत्व तथा परिवार नियोजन साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। डॉ. भारती ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण जीवन, बच्चों की बेहतर परवरिश और अच्छी शिक्षा के लिए छोटा एवं सीमित परिवार जरूरी है। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन के साधन अपनाना स्वस्थ और खुशहाल परिवार की पहली शर्त है। सरकार भी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को लगातार प्रेरित कर रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि परिवार नियोजन के स्थाई साधन अपनाने वाली महिलाओं को सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। प्रसव के एक सप्ताह के भीतर स्थाई साधन अपनाने पर 3 हजार रुपए तथा बाद में अपनाने पर 2 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। वहीं पुरुष नसबंदी कराने पर भी 3 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाती है। विभाग के अनुसार परिवार नियोजन के स्थाई साधनों में महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी शामिल हैं, जबकि अस्थाई साधनों में छाया, अंतरा, कॉपर-टी और कंडोम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ये सुविधाएं स्वास्थ्य उपकेंद्र स्तर तक उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।