संस्कृत के जयघोष से गूंजा रामेश्वर महाविद्यालय, प्रबोधन वर्ग का भव्य समापन

  • Post By Admin on Jan 03 2026
संस्कृत के जयघोष से गूंजा रामेश्वर महाविद्यालय, प्रबोधन वर्ग का भव्य समापन

मुजफ्फरपुर : संस्कृत भारती, बिहार प्रान्त न्यास एवं रामेश्वर महाविद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित छह दिवसीय आवासीय संस्कृत प्रबोधन वर्ग का समापन रामेश्वर महाविद्यालय परिसर में शान्ति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो गया। कार्यक्रम का समापन बृहद् वैदिक यज्ञ तथा *“जयतु जयतु संस्कृतम्”* की उद्घोषणा के साथ हुआ।

प्रबोधन वर्ग के दौरान प्रतिभागियों को संस्कृत संभाषण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही वैदिक संस्कृति के संवर्धन हेतु ब्रह्मयज्ञ एवं देवयज्ञ का अभ्यास भी कराया गया।

समापन सत्र के मुख्य अतिथि संस्कृत भारती की अखिल भारतीय विद्वद् परिषद् के अध्यक्ष एवं कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पाण्डेय रहे। वर्गाधिकारी प्रो. ब्रह्मचारी व्यास नन्दन शास्त्री ने मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का ओम् मंत्र पट्टिका एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया। वैदिक-लौकिक मंगलाचरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ सत्र का शुभारम्भ हुआ।

अपने उद्बोधन में कुलपति प्रो. पाण्डेय ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृत प्रबोधन वर्ग का उद्देश्य मित्र, परिवार, समाज तथा जन-जन के व्यवहार में संस्कृत भाषा का प्रयोग बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि संस्कृत में वेद, उपनिषद्, शास्त्र एवं पुराण सहित अष्टादश विद्याओं का विशाल भंडार निहित है। संस्कृत केवल साहित्य या कर्मकाण्ड तक सीमित न रहे, बल्कि इसे पढ़ने-बोलने की जीवंत भाषा बनाना समय की आवश्यकता है। प्राचीन गुरुकुलों में कला, विज्ञान, वाणिज्य, चिकित्सा और अभियांत्रिकी जैसे विषय संस्कृत माध्यम से पढ़ाए जाते थे, जिसे पुनः स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों से संस्कृत के पठन-पाठन, प्रचार एवं विस्तार का संकल्प लेने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि बिहार-झारखंड क्षेत्र मंत्री प्रो. श्रीप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि निरन्तर अभ्यास से ही संस्कृत जनभाषा बन सकती है। वहीं संस्कृत भारती के प्रान्त मंत्री डॉ. रमेश कुमार झा ने छात्रों के साथ संवाद कर संस्कृत प्रचार-प्रसार के अपने अनुभव साझा किए।

समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए वर्गाधिकारी प्रो. व्यास नन्दन शास्त्री ने कहा कि संस्कृत सरल, मधुर एवं समृद्ध भाषा है, इसलिए सभी को संस्कृत पढ़ने और बोलने का व्रत लेना चाहिए। उन्होंने 25 से 30 दिसम्बर 2025 तक चले इस आवासीय वर्ग के सफल आयोजन के लिए संस्कृत भारती मुजफ्फरपुर मंडल संयोजक अखिलेश कुमार सहित सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में अभ्यास वर्ग के छात्र-छात्राओं द्वारा नाटक, लघु नाटिका, प्रहसन, गायन एवं संस्कृत प्रचार से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जो अत्यंत मनोरंजक एवं प्रभावशाली रहीं। कार्यक्रम का संचालन अंशुमान एवं नेहा ने किया।

इस अवसर पर प्रचार प्रमुख डॉ. रामसेवक झा, प्रान्त संगठन मंत्री डॉ. श्रवण कुमार, व्यवस्था प्रमुख डॉ. मनीष कुमार झा, डॉ. मीरा कुमारी, प्रशिक्षण प्रमुख डॉ. अभिषेक द्विवेदी (नालन्दा), डॉ. स्नेह लता, प्रशिक्षक मनोज कुमार, डॉ. परमानन्द, डॉ. शिव दीपक शर्मा, प्रो. राजीव कुमार, विनय, अखिलेश कुमार, उमेश कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।