राष्ट्रनिष्ठ शिक्षा के संकल्प के साथ संपन्न हुआ विद्या भारती प्रशिक्षण वर्ग का पांचवां दिन

  • Post By Admin on Jul 13 2026
राष्ट्रनिष्ठ शिक्षा के संकल्प के साथ संपन्न हुआ विद्या भारती प्रशिक्षण वर्ग का पांचवां दिन

मुजफ्फरपुर : विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान एवं विद्या भारती बिहार के संयुक्त तत्वावधान में भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सदातपुर में आयोजित क्षेत्रीय आचार्य स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग के पांचवें दिन विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। पहले सत्र में क्षेत्र संगठन मंत्री ख्याली राम ने "संघ, विद्या भारती एवं हमारा लक्ष्य" विषय पर आचार्यों का मार्गदर्शन करते हुए शिक्षा के भारतीय दृष्टिकोण और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने कहा कि विद्या भारती का उद्देश्य केवल औपचारिक शिक्षा देना नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त, राष्ट्रनिष्ठ, चरित्रवान और समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक तैयार करना है। शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के निर्माता हैं और भारतीय शिक्षा-दर्शन व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के माध्यम से सशक्त समाज एवं समर्थ राष्ट्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है।अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यपद्धति, विद्या भारती की संगठनात्मक कार्यसंस्कृति, भारतीय शिक्षा-दर्शन तथा राष्ट्रीय शिक्षा के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने आचार्यों से शिक्षण कार्य को राष्ट्रसेवा का माध्यम बनाने का आह्वान किया। उनके प्रेरक उद्बोधन से प्रशिक्षण वर्ग में शामिल प्राध्यापकों को वैचारिक दिशा और नई ऊर्जा मिली।

प्रथम सत्र के बाद प्रशिक्षण वर्ग के अंतर्गत शैक्षिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन-भ्रमण का आयोजन किया गया। इसमें भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर, पूर्णमल बजोरिया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, भागलपुर तथा आदित्य प्रकाश जालान शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, रांची के प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अध्ययन-भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने वैशाली गढ़, वैशाली स्तूप, जापानी मंदिर और पंचमुखी शिव मंदिर का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्हें भारत की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत, बौद्ध एवं वैदिक परंपराओं तथा ऐतिहासिक धरोहरों को निकट से जानने और समझने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने इसे ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी अनुभव बताया।

संपूर्ण अध्ययन-भ्रमण की रूपरेखा भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सदातपुर के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल के मार्गदर्शन में तैयार की गई। उन्होंने बताया कि भ्रमण का उद्देश्य प्रशिक्षणार्थियों को भारतीय इतिहास, संस्कृति और शिक्षा की मूल अवधारणाओं से जोड़ते हुए उनके शैक्षिक दृष्टिकोण को अधिक व्यापक और राष्ट्रोन्मुख बनाना है। प्रशिक्षण वर्ग के आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम केवल शिक्षकों के शैक्षणिक उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय जीवन-मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सुदृढ़ करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।