बिहार में मैट्रिक-इंटर के फेल छात्रों को अब ‘फेल’ नहीं लिखा जाएगा, सरकार के फैसले पर विवाद

  • Post By Admin on Aug 31 2026
बिहार में मैट्रिक-इंटर के फेल छात्रों को अब ‘फेल’ नहीं लिखा जाएगा, सरकार के फैसले पर विवाद

पटना: बिहार सरकार ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा में न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर पाने वाले विद्यार्थियों की मार्कशीट में लिखे जाने वाले शब्द को बदलने का फैसला किया है। अब ऐसे विद्यार्थियों की मार्कशीट में सीधे ‘फेल’ शब्द लिखने के बजाय ‘स्किल डेवलपमेंट के लिए पात्र’ यानी कौशल विकास के लिए योग्य जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की तैयारी है।

शिक्षा विभाग के इस फैसले को इसी शैक्षणिक सत्र से लागू किए जाने की बात कही गई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 29 अगस्त को इस बदलाव की जानकारी दी थी। सरकार का तर्क है कि परीक्षा में सफल नहीं होने वाले विद्यार्थियों को नकारात्मक शब्दावली के बजाय कौशल विकास और रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए। हालांकि सरकार के फैसले पर अब सवाल भी उठने लगे हैं। स्टेट प्लेटफॉर्म फॉर कॉमन स्कूल सिस्टम-तमिलनाडु ने इस निर्णय का विरोध करते हुए बिहार सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि स्कूल शिक्षा को केवल रोजगार और कौशल विकास के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

फैसले के समर्थकों का मानना है कि ‘फेल’ शब्द कई विद्यार्थियों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है और नई शब्दावली से विद्यार्थियों को आगे की शिक्षा या कौशल प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। वहीं विरोध करने वालों का तर्क है कि मार्कशीट में परिणाम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट रहनी चाहिए। अब इस फैसले को लेकर बिहार के शिक्षा क्षेत्र में बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग की ओर से इसके क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।