GNIOT में ‘नवांकुर 2026’ का भव्य समापन, अनुराग ठाकुर ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र

  • Post By Admin on Aug 26 2026
GNIOT में ‘नवांकुर 2026’ का भव्य समापन, अनुराग ठाकुर ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र

ग्रेटर नोएडा: जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के एमबीए संस्थान की ओर से नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय ‘नवांकुर 2026–अभिमुखीकरण कार्यक्रम’ का भव्य समापन हुआ। ‘नई शुरुआत, नई आकांक्षाएं’ थीम पर आयोजित अंतिम दिन के कार्यक्रम में करीब 1,000 नवप्रवेशित एमबीए एवं इंटीग्रेटेड एमबीए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं, नेतृत्व, नवाचार, तकनीकी बदलाव, व्यावसायिक कौशल, व्यक्तित्व विकास तथा रोजगार एवं करियर के अवसरों से परिचित कराना रहा। तीन दिनों तक चले कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शैक्षणिक व्यवस्था के साथ व्यावसायिक दुनिया की चुनौतियों और संभावनाओं से रूबरू कराया गया। कार्यक्रम में पांचवीं बार लोकसभा सांसद, कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि ‘नवांकुर 2026’ उनके जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि संस्थान में उनका उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि व्यक्तित्व, सोच, नेतृत्व क्षमता और भविष्य को आकार देना भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। युवाओं को ज्ञान के साथ कौशल, अनुशासन, संचार क्षमता, नेतृत्व, नवाचार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने का आह्वान किया। तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए ठाकुर ने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने, सवाल पूछने और लगातार सीखते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन की परीक्षा किसी निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार नहीं होती, इसलिए युवाओं को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत विकास और परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाला, नवाचार करने वाला और सामाजिक समस्याओं के समाधान तलाशने वाला बनना चाहिए। प्रबंधन के विद्यार्थियों की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उद्योगों, व्यवसायों और संस्थानों का नेतृत्व आज के विद्यार्थी करेंगे। उन्होंने नेतृत्व क्षमता, टीम के साथ काम करने, प्रभावी संवाद और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने की सलाह दी।

उन्होंने असफलता को सफलता की यात्रा का हिस्सा बताते हुए विद्यार्थियों से असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेने की अपील की। साथ ही डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया का सकारात्मक एवं रचनात्मक उपयोग करने की सलाह दी। कार्यक्रम में बक्सर के विधायक एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने नेतृत्व, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और सामाजिक जिम्मेदारी को सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वास्तविक नेतृत्व केवल दूसरों को दिशा देना नहीं, बल्कि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना और जिम्मेदारी स्वीकार करना है। आनंद मिश्रा ने विद्यार्थियों से कठिन परिस्थितियों में शांत रहकर निर्णय लेने, टीम को साथ लेकर चलने और असफलताओं को सीखने के अवसर के रूप में देखने की अपील की। उन्होंने प्रबंधन के विद्यार्थियों से नौकरी पाने की मानसिकता से आगे बढ़कर उद्यमिता, रोजगार सृजन और नवाचार की दिशा में सोचने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भी विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। मोटिवेशनल स्पीकर, बिजनेस कोच एवं डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हर्षवर्धन जैन ने सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास को सफलता की कुंजी बताया। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की एवीपी एवं कैंपस लीड डॉ. स्वर्णप्रीत सिंह ने कॉर्पोरेट जगत की आवश्यकताओं और रोजगार योग्य कौशल पर जानकारी दी।

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के मुख्य जन अधिकारी राजीव नैथानी ने तकनीकी बदलाव, नेतृत्व और भविष्य के कार्यस्थल की बदलती आवश्यकताओं पर चर्चा की। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की महाप्रबंधक निमिषा पाठक ने कॉर्पोरेट संस्कृति, डिजिटल परिवर्तन, नवाचार और पेशेवर विकास से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी। अभिनेता एवं कवि दिनेश बावरा ने कविता, हास्य और अभिनय के माध्यम से विद्यार्थियों का मनोरंजन किया। जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के एमबीए संस्थान के निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रबंधन शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक व्यावसायिक परिस्थितियों को समझने, समस्याओं का समाधान करने, टीम का नेतृत्व करने और बदलते कॉर्पोरेट वातावरण में प्रभावी निर्णय लेने के लिए तैयार करना है। जीएनआईओटी ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रबंधन शिक्षा का उद्देश्य ऐसे युवा तैयार करना है जो नेतृत्व, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें। उपाध्यक्ष गौरव गुप्ता ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रबंधन पेशेवरों के लिए अकादमिक ज्ञान के साथ संचार कौशल, नेतृत्व, अनुकूलनशीलता, व्यावहारिक अनुभव और उद्योग की आवश्यकताओं की समझ भी जरूरी है। प्रबंधन सदस्य वंश गुप्ता ने विद्यार्थियों को नई शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए अपने कौशल और व्यक्तित्व को लगातार विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रस्तुतियां भी दीं। संगीत, नृत्य, कविता और मनोरंजन से जुड़ी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना दिया। तीन दिवसीय ‘नवांकुर 2026’ के दौरान विद्यार्थियों को अकादमिक व्यवस्था, उद्योग जगत की अपेक्षाओं, करियर संभावनाओं, नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास, नवाचार और बदलते पेशेवर वातावरण की जानकारी दी गई। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और आकांक्षाओं के साथ अपनी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक यात्रा शुरू करने का अवसर दिया। यह तीन दिवसीय आयोजन जीएनआईओटी ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष गौरव गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह, प्रबंधन सदस्य वंश गुप्ता एवं एमबीए संस्थान के निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।