स्टेशन बनेंगे स्टार्टअप्स के नए हब, रेलवे ने खोले अवसरों के द्वार
- Post By Admin on Jan 19 2026
युवाओं को बिजनेस का सुनहरा मौका, डीआरएम स्तर से मिलेगा अप्रूवल
हाइलाइट्स
- रेलवे स्टेशनों पर स्टार्टअप्स को औपचारिक मंजूरी
- फूड-टेक, फूड ट्रक और स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा
- छोटे शहरों के युवाओं के लिए नया व्यापारिक मंच
प्रयागराज: रेलवे स्टेशनों पर अब सिर्फ यात्रा ही नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता की झलक भी देखने को मिलेगी। रेलवे ने स्टेशनों पर स्टार्टअप्स को शुरू करने की अनुमति दे दी है, जिससे युवा उद्यमियों को अपने रचनात्मक बिजनेस आइडियाज को जमीन पर उतारने का बड़ा अवसर मिलेगा। इस पहल के तहत फूड-टेक, फूड ट्रक, ऑटोमैटिक वेंडिंग मशीन और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल स्टेशनों पर स्थापित किए जा सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के आह्वान के क्रम में रेलवे ने यह अहम फैसला लिया है। 13 जनवरी को रेलवे बोर्ड के उप निदेशक (कैटरिंग) ए. रंगराजन ने उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह समेत सभी जोनल रेलवे महाप्रबंधकों को पत्र जारी कर स्टार्टअप्स को स्टेशन परिसरों में शुरू करने की अनुमति दी। नई व्यवस्था के तहत स्थानीय स्तर पर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) स्टार्टअप्स के प्रस्तावों को जोन मुख्यालय भेजेंगे, जहां से उन्हें स्वीकृति मिलेगी। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप खान-पान की विविधता बढ़ेगी और क्षेत्रीय व्यंजनों को राष्ट्रीय मंच मिलेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पहल न सिर्फ यात्रियों के अनुभव को आधुनिक बनाएगी, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों के युवाओं के लिए रेलवे के साथ जुड़कर कारोबार बढ़ाने का सरल रास्ता भी खोलेगी। रेलवे का विशाल यात्री आधार स्टार्टअप्स के लिए बड़ा बाजार साबित होगा। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि पहले रेलवे में स्टार्टअप्स के लिए कोई स्पष्ट प्रविधान नहीं था, लेकिन अब डीआरएम के माध्यम से प्रस्ताव भेजकर स्टेशन पर स्टार्टअप्स शुरू कराए जा सकेंगे। स्टार्टअप्स को प्रारंभ में दो साल का लाइसेंस दिया जाएगा, जिसे सफल प्रदर्शन की स्थिति में जनरल मैनेजर की अनुमति से पांच साल तक बढ़ाया जा सकेगा। रेलवे का यह कदम नवाचार, स्थानीय रोजगार और उद्यमिता को नई गति देने वाला माना जा रहा है।