मेरठ हत्याकांड: सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में साहिल और मुस्कान को मौत की सजा

  • Post By Admin on Oct 14 2026
मेरठ हत्याकांड: सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में साहिल और मुस्कान को मौत की सजा

मेरठ: चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत ने साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को मौत की सजा सुनाई है। सौरभ की बेरहमी से हत्या कर उसके शव के टुकड़े करने और उन्हें सीमेंट से भरे ड्रम में छिपाने के इस मामले ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं। अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने की उम्मीद जताई है। सुरक्षा कारणों से दोनों दोषी बुधवार को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए। सौरभ की मां रेणू और भाई बबलू ने अदालत से दोनों आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से भी मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कड़ी सजा की मांग की गई थी।

2016 में किया था प्रेम विवाह

मामले के अनुसार, मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंद्रानगर निवासी सौरभ राजपूत ने वर्ष 2016 में गौरीपुरा निवासी मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। वर्ष 2019 में पारिवारिक विवाद के बाद दोनों अलग हो गए। इसी वर्ष मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया, जो फिलहाल अपने नाना-नानी के पास रहती है। इसी बीच मुस्कान की मुलाकात अपने स्कूल के सहपाठी और इंद्रानगर निवासी साहिल शुक्ला से शापरिक्स मॉल में हुई। सौरभ के विदेश जाने के बाद मुस्कान और साहिल के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। अभियोजन के अनुसार, सौरभ के वापस लौटने के बाद दोनों ने उसकी हत्या की साजिश रची।

नशीला पदार्थ देकर की गई थी हत्या

पुलिस के अनुसार, 3 मार्च 2025 की रात सौरभ को सब्जी में नशीला तरल पदार्थ मिलाकर दिया गया। इसके बाद चाकू से उसके दिल और गर्दन पर वार कर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव के चार टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से छिपा दिया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए। 17 मार्च को लौटने के बाद 18 मार्च को मामले का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने 19 मार्च को साहिल और मुस्कान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों की निशानदेही पर ड्रम से सौरभ का शव बरामद किया गया।

577 दिन बाद दोषी करार, फिर सुनाई गई सजा

पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य प्रस्तुत किए। उपलब्ध विवरण के अनुसार, ट्रायल शुरू होने के 577 दिन बाद 30 सितंबर को अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया था। इसके बाद बुधवार को जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ ही चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने अपना निर्णय सुना दिया है। हालांकि, मृत्युदंड के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील की संभावनाएं भी महत्वपूर्ण होंगी।