चक्रवात का खतरा टला पर बारिश का संकट बरकरार: 'अर्णब' के असर से 7 राज्यों में अलर्ट

  • Post By Admin on Sep 26 2026
चक्रवात का खतरा टला पर बारिश का संकट बरकरार: 'अर्णब' के असर से 7 राज्यों में अलर्ट

नई दिल्ली : बंगाल की खाड़ी से उठे मौसमी तंत्र को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, संभावित चक्रवात ‘अर्णब’ के रूप में चर्चित यह सिस्टम अब कमजोर होकर महज एक 'डिप्रेशन' रह गया है। 26 सितंबर की स्थिति के अनुसार यह तंत्र दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिणी आंतरिक ओडिशा के ऊपर केंद्रित है तथा लगातार उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे अपनी तीव्रता खो रहा है।

भले ही चक्रवात का सीधा खतरा टल गया हो, लेकिन इस तंत्र के प्रभाव से देश के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में लगातार बारिश का दौर जारी है। बीते दिन छत्तीसगढ़ में अत्यधिक भारी बारिश के मद्देनजर रेड अलर्ट लागू किया गया था, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के क्षेत्रों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट दर्ज किया गया।

इससे पहले 24 सितंबर को यह गहरा दबाव आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों को पार कर चुका था। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते प्रशासन को बड़े पैमाने पर राहत अभियान चलाना पड़ा था, जिसके तहत संवेदनशील बस्तियों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

मैदानी इलाकों के साथ-साथ इसका असर उत्तर-पूर्व और पड़ोसी राज्यों में भी साफ महसूस किया जा रहा है। बिहार में मौसम विभाग ने 26 सितंबर को गरज-चमक, आकाशीय बिजली (वज्रपात) और भारी बारिश की कड़ी चेतावनी जारी की है, हालांकि 27 सितंबर से राज्य में स्थिति सामान्य होने का अनुमान है। वहीं पहाड़ी राज्य सिक्किम में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसी है, जहां ग्यालशिंग जिले के रिम्बी गांव में भारी भूस्खलन के कारण कई मकान व सरकारी आवास क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तूफान ‘अर्णब’ भले ही अपनी चक्रवाती शक्ति खो चुका है, लेकिन इसके अवशेषों के चलते अगले कुछ घंटों तक संबंधित राज्यों में मूसलाधार बारिश का खतरा बना रहेगा। स्थानीय प्रशासन ने बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील इलाकों के निवासियों से सतर्क रहने तथा मौसम विभाग के ताजा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।